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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मांझी को हाई कोर्ट से झटका, 19 तक नहीं ले पाएंगे नीतिगत फैसले

By anand rajEdited By:
Published: Mon, 16 Feb 2015 09:50 AM (IST)Updated: Mon, 16 Feb 2015 04:08 PM (IST)

बिहार में जारी राजनीतिक संकट के दौरान मांझी कैबिनेट की ओर से लिए फैसलों पर आज हाईकोर्ट ने सरकार को ...और पढ़ें

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पटना। बिहार में जारी राजनीतिक संकट के दौरान मांझी कैबिनेट की ओर से लिए फैसलों पर आज हाईकोर्ट ने सरकार को झटका देते हुए कहा है कि उनकी सरकार 19 फरवरी तक वित्तीय बोझ वाले नीतिगत फैसले नहीं ले सकते हैं।

गौरतलब है कि जदयू ने पिछले 15 दिनों में मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की ओर से दिए गए फैसलों पर रोक लगाने की मांग की थी। इस मामले में जदयू नेता अजय आलोक ने कहा कि बिहार में पूरी तरह से संविधान का उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अल्पमत की सरकार चल रही है और यह सरकार भाजपा व प्रधानमंत्री के इशारों पर कठपुतली की तरह काम कर रही है।

वहीं इसे सिरे से नकारते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडे ने कहा कि 'नीतीश कुमार ने ही मांझी जी को मुख्यमंत्री बनाया था और अब वे चाहते हैं कि मांझी ( मुख्यमंत्री पद से) इस्तीफा दे दें। यह जदयू का आंतरिक मामला है। भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है।'

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गौरतलब है कि इससे पहले नीतीश कुमार ने भी बिहार के वर्तमान राजनीतिक संकट के लिए नरेंद्र मोदी और भाजपा को जिम्मेदार बताया था। जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा था यह स्थिति जदयू के आंतरिक कलह के कारण पैदा हुई। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा था कि नीतीश से किसने कहा था कि आप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें और किसने कहा था कि जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाए और अब आप मांझी को इस्तीफा देने के लिए क्यों कह रहे हैं?

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