यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार: जीतन राम मांझी बना सकते हैं अपनी नई पार्टी
जदयू से निष्कासित बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और उनके समर्थक अब नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। ...और पढ़ें

नई दिल्ली। जदयू से निष्कासित बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और उनके समर्थक अब नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। हालांकि नई पार्टी का स्वरूप क्या होगा, इस पर अभी सैद्धांतिक सहमति नहीं बन पाई है। फिलहाल मांझी समर्थकों को राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी के फैसले का इंतजार है।
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मांझी जदयू से निष्कासित कर दिए हैं, इसलिए उनके नेतृत्व में नई पार्टी बनाने में संवैधानिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उनके समर्थकों की राय है कि वर्तमान परिस्थिति में नए दल का गठन करके मांझी अपनी सरकार के लिए आवश्यक बहुमत जुटाने में कामयाब हो सकते हैं। नए दल के नेता की हैसियत से वह अपने समर्थन में भाजपा से मदद की मांग कर सकते हैं।
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मांझी सरकार को बाहर से समर्थन देकर भाजपा जनता को यह संदेश दे सकती है कि नीतीश कुमार को समर्थन दिए जाने के बावजूद पार्टी सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पक्ष में खड़े हो गए हैं। पप्पू ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने संविधान के प्रावधानों की अनदेखी कर विधानमंडल में नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल के नेता की मान्यता दी थी, जो सरासर गलत है।
भारतीय जनहित दल का गठन
बिहार में मचे राजनीतिक कोहराम के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद के नेतृत्व में एक नई राजनीतिक पार्टी 'भारतीय जनहित दल' का गठन किया गया है। कैप्टन निषाद को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि पूर्व राज्यसभा सदस्य ब्रह्मदेव आनंद पासवान राष्ट्रीय प्रधान महासचिव होंगे। भारतीय जनहित दल ने विधानसभा के चुनाव में राज्य की सभी 243 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी है।
