यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएसयू को आवंटित होंगे 36 कोल ब्लॉक
केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को रद कोयला ब्लॉक सौंपकर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेगी। शुरुआत में सरकारी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को रद कोयला ब्लॉक सौंपकर आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेगी। शुरुआत में सरकारी कंपनियों को 36 ब्लॉक आवंटित किए जाएंगे। इनमें से एक खदान स्टील क्षेत्र को मिलेगी, जबकि बाकी सभी खानें बिजली कंपनियों को आवंटित की जाएंगी। आवंटन का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा।
केंद्रीय कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने बुधवार को बताया कि इन सभी 36 कोयला खदानों को आवंटित करने से जुड़ी अधिसूचनाएं भी सरकार जारी करने जा रही है। जरूरत पड़ने पर सरकारी कंपनियों को बाद में और कोयला खदानें भी आवंटित की जा सकती हैं। स्वरूप ने कहा कि आगे का आवंटन इस पर निर्भर करता है कि सरकार के पास कंपनियों की तरफ से कितने आवेदन आते हैं।
कोयला सचिव ने बताया कि सरकार इन कोयला ब्लॉकों के लिए दिशानिर्देश भी साथ ही जारी कर रही है। जिन कंपनियों के पास पहले से ही कोयले की आपूर्ति के संसाधन उपलब्ध हैं, उन्हें वे सरेंडर करने होंगे। जिन पीएसयू के पास कोल लिंकेज उपलब्ध हैं, उन्हें ब्लॉक के लिए आवेदन करने से पहले उसे सरेंडर करना होगा। इससे उस कोयले की आपूर्ति कोल इंडिया अन्य जरूरतमंद यूनिटों को कर सकेगी।
जिन खदानों में अभी उत्पादन हो रहा है, ऐसे 23 ब्लॉकों की नीलामी 14 से 22 फरवरी के बीच होगी। 23 मार्च तक इनके आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अतिरिक्त जिन खदानों में उत्पादन तुरंत शुरू किया जा सकता है ऐसी अन्य 23 खदानों को 25 फरवरी से पांच मार्च के भीतर नीलामी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। दूसरे शेड्यूल यानी जिनमें उत्पादन हो रहा है, ऐसी 42 खदानों से सरकार शुरूआत कर रही है। तीसरे शेड्यूल की खदानों की संख्या 32 है।
