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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में अब तानाशाही संभव नहीं : जेटली

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Thu, 25 Jun 2015 09:44 AM (IST)Updated: Thu, 25 Jun 2015 09:50 AM (IST)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आपातकाल (इमरजेंसी) को स्वतंत्र भारत का सबसे अंधकारपूर्ण दौर करार देते हुए बुधवार को कहा ...और पढ़ें

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सैन फ्रांसिस्को। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आपातकाल (इमरजेंसी) को स्वतंत्र भारत का सबसे अंधकारपूर्ण दौर करार देते हुए बुधवार को कहा कि विश्व के इस सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को अब तानाशाही में बदलना संभव नहीं। 1975 में आपातकाल के दौरान जेल में 19 महीने बिताने वाले जेटली ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के बयान का जिक्र किए बगैर कहा कि मीडिया पर सेंसरशिप आज के समय में संभव नहीं है। तकनीक के युग में इंटरनेट को बंद नहीं किया जा सकता।

जेटली ने कहा कि जून 1975 में इंदिरा गांधी का लगाया आपातकाल ऐसा समय था जिसने यह दर्शाया कि संविधान के कुछ प्रावधानों का इस्तेमाल कर लोकतंत्र को तानाशाही में तब्दील किया जा सकता है और नौकरशाही, पुलिस, मीडिया एवं न्यायपालिका जैसी प्रमुख संस्थाएं धराशायी हो सकती हैं।

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आज वैश्विक चेतना लोकतंत्र के पक्ष में है और तानाशाही पर जिस तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, वहीं इसका निवारण हो सकते हैं।' जेटली ने कहा कि मुझे लगता है कि मीडिया भी मजबूत है, राजव्यवस्था मजबूत है और वैश्विक संस्थान भी मजबूत हैं। विश्व आज यह स्वीकार नहीं करेगा कि आज वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा लोकतंत्र तानाशाही में तब्दील हो जाए।'

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