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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ममता के पूर्व मंत्री मदन जेल से बिछा रहे सियासी बिसात, आयोग ने मांगी रिपोर्ट

By anand rajEdited By:
Published: Wed, 23 Mar 2016 08:40 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 23 Mar 2016 09:25 AM (GMT+05:30)

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सारधा प्रकरण में फंसे पूर्व मंत्री मदन मित्रा को एक बार फिर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सारधा प्रकरण में फंसे पूर्व मंत्री मदन मित्रा को एक बार फिर कमरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है। वैसे तो मदन मित्रा अलीपुर की जेल में बंद हैं, लेकिन वह जेल से ही सियासी बिसात बिछा रहे हैं।

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सूत्रों का कहना है कि जेल में ही मदन बीते कई दिनों से अपने इलाके में जीत सुनिश्चित करने को लेकर स्थानीय स्तर के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। जेल में उनसे मिलने केवल उनके बेटे और पत्नी ही नहीं पहुंच रहे, बल्कि स्थानीय स्तर के नेता व कार्यकर्ता भी उनसे मिल कर चुनाव की योजना बना रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग की नजर इन तमाम गतिविधियों पर पड़ी है और आयोग ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है।

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आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि सोमवार को आयोग की ओर से जेल विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर जवाब तलब किया गया है। पत्र में आयोग ने पूछा है कि आखिर जेल में बंद मदन को नियमों की अनदेखी कर इस तरह की सहूलियत कैसे मिल रही है। इस पर आयोग ने शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा है।

पुलिस ने मदन को बोलने से रोका

सारधा चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री मदन मित्रा को मीडिया से बात करने में बाधा दी गई। मंगलवार को जब उन्हें अलीपुर कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया तो मीडिया उनसे सवाल पर सवाल किए जा रही थी। इस दिन अदालत परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और जब भी मीडिया उनसे सवाल पूछ रही थी तो कभी पुलिस वाले शोर मचा रहे थे तो कभी गाड़ी का सायरण बजा दे रहे थे। वहीं अदालत में पेशी के बाद न्यायाधीश ने मदन को फिर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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