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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दंगा पीड़ित सिखों को मुआवजे पर चुनाव आयोग ने मांगी सफाई

By Sudhir JhaEdited By:
Published: Fri, 31 Oct 2014 09:45 PM (IST)Updated: Sat, 01 Nov 2014 02:06 AM (IST)

दिल्ली में उपचुनाव के बीच दंगा पीड़ित सिखों को मुआवजा देने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनाव आयोग ने ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। दिल्ली में उपचुनाव के बीच 1984 के दंगा पीड़ित सिखों को मुआवजा देने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर तीन नवंबर तक जवाब देने को कहा है। 25 नवंबर को दिल्ली की तीन विधानसभा सीटों कृष्णानगर, महरौली और तुगलकाबाद में मतदान होना है। विपक्षी दलों का आरोप है कि फैसले के पीछे सरकार की असली मंशा मतदाताओं को प्रभावित करने की है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने पूछा है कि उपचुनाव के कारण चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद मुआवजा देने का फैसला कैसे किया गया? गृह मंत्रालय ने 1984 के दंगा पीड़ितों को अब तक मिले मुआवजे के अलावा पांच-पांच लाख रुपये देने का फैसला किया है। इससे दंगे में मारे गए 3325 लोगों के परिवारों को लाभ मिलेगा। गृह मंत्रालय ने हालांकि अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन, देखना है कि चुनाव आयोग के सामने अपने फैसले को सही ठहराने के लिए गृह मंत्रालय क्या दलील देता है?

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