यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'जिस अंग से अपराध हो उसे काट देना चाहिए'
पश्चिम बंगाल में नन के साथ हुई घटना को लेकर काउंसिल फॉर रिसर्च एंड इंपावरमेंट ऑफ वीमेन ने सोमवार को ...और पढ़ें

अलीगढ़ । पश्चिम बंगाल में नन के साथ हुई घटना को लेकर काउंसिल फॉर रिसर्च एंड इंपावरमेंट ऑफ वीमेन ने सोमवार को व्याख्यान का आयोजन किया। एएमयू में आयोजित व्याख्यान में दुष्कर्मियों की जमकर मुखालफत की गई। 'औरतों पर अत्याचार के खिलाफ एकजुटता' विषय पर आयोजित व्याख्यान में सेवानिवृत्त शिक्षिका ऊषा जैकब ने कहा कि अलाउद्दीन खिलजी के शासन में अपराधी जिस अंग से अपराध करता था, उसके उसी अंग को काट दिया जाता था।
इसी तरह की सजा अपराधियों को मिलनी चाहिए। एएमयू शिक्षिका रचना कौशल ने कहा कि आरोपियों को जब फांसी की सजा देने की बात आती है तो मानवाधिकार याद आते हैं। औरतों पर जुल्म होते हैं तो किसी को मानवाधिकार की याद नहीं आती। सऊदी देशों की तरह यहां भी अपराधियों को सख्त सजा दी जाए तो अपराध में कमी आएगी।