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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नन दुष्कर्म कांड में दो बांग्लादेशी गिरफ्तार

By Tilak RajEdited By:
Published: Thu, 26 Mar 2015 11:37 AM (IST)Updated: Fri, 27 Mar 2015 01:40 AM (IST)

पश्चिम बंगाल के नदिया जिला स्थित राणाघाट के मिशनरी स्कूल में डकैती और वृद्ध नन से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के 12वें दिन सीआइडी को दोहरी सफलता हाथ लगी।

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कोलकाता । पश्चिम बंगाल के नदिया जिला स्थित राणाघाट के मिशनरी स्कूल में डकैती और वृद्ध नन से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के 12वें दिन सीआइडी को दोहरी सफलता हाथ लगी। सीआइडी ने वारदात में शामिल एक बांग्लादेशी आरोपी को गुरुवार तड़के मुंबई से गिरफ्तार किया। जबकि दूसरी टीम ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से डकैतों को पनाह देने वाले आरोपी को दबोचा। अन्य आरोपियों के बांग्लादेश भाग जाने की आशंका जताई जा रही है।

इस सफलता के बीच सीबीआइ ने घटना की जांच का जिम्मा लेने से इन्कार कर दिया है। देश-दुनिया में सुर्खियां बनने वाली इस घटना में पहली बार गिरफ्तारी की गई है। इससे पहले सीआइडी ने नौ लोगों को हिरासत में लिया था, जिनसे खास जानकारी हाथ नहीं लगी थी। सीआइडी के डीआइजी (ऑपरेशन) दिलीप कुमार अदक ने बताया कि गुरुवार तड़के 3.05 बजे मुंबई के नागपाड़ा थानांतर्गत 2 नंबर पिलखाना स्ट्रीट स्थित महिला मिलन झोपड़पट्टी से आरोपी मोहम्मद सलीम शेख (40) को मुंबई क्राइम ब्रांच के सहयोग से पकड़ा गया। राणाघाट के स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों के स्केच तैयार कर विभिन्न राज्यों की प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भेजा गया था। उसके आधार पर मिली जानकारी व सलीम के मोबाइल को ट्रेस कर सीआइडी उस तक पहुंची।

शादी में उत्पात से दबोचा दूसरा आरोपी

सीआइडी की दूसरी टीम ने प्रदेश के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा थानांतर्गत मछलंदपुर ग्राम पंचायत स्थित गोआलबाटी इलाके से एक अन्य बांग्लादेशी गोपाल सरकार को गिरफ्तार किया। उसने राणाघाट दुष्कर्म कांड के अपराधियों को वारदात से पहले अपने घर में पनाह दी थी। 2002 में बांग्लादेश से अवैध रूप से आए गोपाल के घर गत 12 मार्च को बेटी की शादी थी। इसमें कई बांग्लादेशी आए थे और शराब पीकर उत्पात मचाया था। शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों को पकड़ा था, जिन्हें अगले दिन ही जमानत मिल गई थी। राणाघाट की वारदात के बाद सीआइडी ने गोपाल सरकार, उसकी पत्नी अनीता व पड़ोसन रेवा विश्वास से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि उसने आरोपियों को अपने घर में पनाह दी थी। डीआइजी (ऑपरेशन) ने बताया कि सलीम ने वारदात में शामिल होने की बात कुबूल की है। सलीम व गोपाल के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

सीबीआइ का जांच से इन्कार

सीआइडी की इस सफलता के बीच सीबीआइ ने तकनीकी कारणों के चलते इस घटना की जांच का जिम्मा लेने से इन्कार कर दिया है। इसकी वजह राज्य सरकार द्वारा उचित तरीके से केंद्रीय जांच एजेंसी के पास जांच के लिए आवेदन नहीं करना बताया जा रहा है।

कोई वकील नहीं लड़ेगा आरोपियों का केस

राणाघाट बार एसोसिएशन के सचिव मिलन सरकार ने बताया कि हमने इस डकैती व दुष्कर्म की वारदात के आरोपियों का केस न लड़ने का फैसला किया है।

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