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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिविल सेवा छात्रों के आंदोलन ने बढ़ाई भाजपा की चिंता

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Published: Sat, 26 Jul 2014 08:52 AM (IST)Updated: Sat, 26 Jul 2014 08:54 AM (IST)

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के आंदोलन ने भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें डर ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (राज्य ब्यूरो)। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के आंदोलन ने भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें डर है कि विपक्ष विशेषकर आम आदमी पार्टी (आप) इस मुद्दे को तूल दे सकती है, क्योंकि इससे युवाओं के बीच पार्टी की छवि खराब होगी। वहीं, आप ने प्राथमिक परीक्षा स्थगित करने की मांग कर संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने का मौका नहीं छोड़ेगी।

हिन्दी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र सी-सैट हटाने की मांग को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसे लेकर छात्रों ने आमरण अनशन भी शुरू किया था, इसे गंभीरता से लेते हुए भाजपा सांसद मनोज तिवारी उनके बीच पहुंचे थे। तिवारी ने उन्हें इंसाफ दिलाने तथा इस मुद्दे पर फैसला होने तक यूपीएससी की प्राथमिक परीक्षा स्थगित कराने का आश्वासन दिया था। इस पर छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था, लेकिन उनका धरना जारी था। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार उनकी मांग मान लेगी। इसी बीच यूपीएससी ने परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र भेजने शुरू कर दिए। इससे छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर होती तो अब तक फैसला हो जाता। विधानसभा चुनाव में अधिकांश युवाओं ने आप को व लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपना समर्थन दिया था, लेकिन अब उनमें केंद्र सरकार को लेकर नाराजगी बढ़ने लगी है। इसलिए मनोज तिवारी व दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी पुलिस द्वारा बल प्रयोग की निंदा की है। मनोज तिवारी का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि प्रतियोगी छात्रों को इंसाफ मिलेगा। जबकि सतीश उपाध्याय ने पुलिस आयुक्त से बात कर छात्रों पर बल प्रयोग किए जाने की निंदा की।

सांसद मनोज तिवारी की छात्रों से अपील

संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में सी-सैट का विरोध कर रहे छात्रों को संसद मार्ग थाना से शुक्रवार देर शाम छोड़ दिया गया। वहीं इनके ऊपर की गई पुलिसिया कार्रवाई का कई नेताओं और संगठनों ने विरोध किया है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने छात्रों से शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि हमने छात्रों का अनशन तुड़वाया था और 15 दिन का समय मांगा था। यदि सरकार सी-सैट को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो मैं संसद के अंदर और बाहर छात्रों के साथ हूं। उधर, भाजपा के नेता जगदीश ममगांई ने छात्रों पर हुए पुलिस बल का विरोध किया है और गृहमंत्री से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के ऊपर कार्रवाई करने की अपील की है।

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