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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अरुणाचल के आदिवासियों पर लिखी किताब ने जीता प्रतिष्ठित ब्रिटिश अवार्ड

By kishor joshiEdited By:
Published: Thu, 08 Sep 2016 02:43 PM (IST)Updated: Thu, 08 Sep 2016 02:54 PM (IST)

अरुणाचल प्रदेश के आदिवासियों पर लिखी गयी किताब 'इंटू द हिडेन वैली' ने इस साल का प्रतिष्ठित एमएम बेनेट्स अवार्ड जीता है।

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नई दिल्ली (पीटीआई)। अरुणाचल प्रदेश के अपातानी आदिवासियों पर लिखी गई किताब ने ब्रिटेन में इस साल का प्रतिष्ठित एमएम बेनेट्स अवार्ड जीता है। अवार्ड के लिए ऐतिहासिक कहानी पर आधारित किताब को चुना गया है। ऑक्सफोर्ड के एचएनएस कांफ्रेंस में आयोजित समारोह में स्टुअर्ट ब्लैकबर्न को उनके उपन्यास 'इंटू द हिडेन वैली' के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

ब्लैकबर्न की किताब ने हेलेन पेज की 'डिफेंडर ऑफ यरुशलम' और केर्मिट रोसवेल्ट द्वारा लिखित 'अलीजन्स' को पछाड़कर यह पुरस्कार जीता। स्पीकिंग टाइगर की ओर से प्रकाशित यह किताब भारत में ब्रिटिश काल के अनछुए इतिहास पर रोशनी डालती है। इसमें दो कहानियों के साथ अंग्रेजों और आदिवासियों के बीच टकराव को दर्शाया गया है। इसमें एक कहानी ब्रिटिश अधिकारी की है तो दूसरी एक आदिवासी की है।

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ब्लैकबर्न ने बताया, 'मैं जब 1999 में अरुणाचल प्रदेश गया था तब मैं पूर्वोत्तर भारत में तिब्बती-बर्मन बोलने वाले आदिवासियों से प्रेरित हुआ। मैं करीब एक दशक तक उस खास समूह की संस्कृति और परंपराओं पर शोध किया।' अमेरिका में जन्मे ब्लैकबर्न ने दक्षिण भारत के कुछ गांवों में भी ढाई साल गुजारे और तमिल भाषा सीखी।

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