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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरीवाल के यूपी में 'जनता दरबार' पर भाजपा को आपत्ति

By Tilak RajEdited By:
Published: Sun, 22 Feb 2015 09:26 AM (IST)Updated: Sun, 22 Feb 2015 09:58 AM (IST)

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले बार लोगों की समस्‍याओं को सुनने के लिए 'जनता दरबार' दिल्‍ली में लगाया ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले बार लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए 'जनता दरबार' दिल्ली में लगाया था। लेकिन इस बार केजरीवाल का जनता दरबार उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में चल रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे दिल्लीवासियों के साथ अन्याय बताया है।

दिल्लीवासियों की समस्याएं सुनने के लिए उत्तर प्रदेश में 'जनता दरबार'! यह बात सुनकर बड़ी अजीब लगती है, लेकिन ऐसा हा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल इन दिनों गाजियाबाद के कौशांबी स्थित अपने घर पर जनता दरबार लगा रहे हैं। इससे जहां दिल्लीवासियों को समस्या हो रही है, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस भी हलकान है। अब भाजपा ने भी उत्तर प्रदेश में लग रहे केजरीवाल के जनता दरबार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विजय जौली का कहना है कि यह क्या बात हुई, दिल्ली का मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में जनता दरबार लगा रहा है। केजरीवाल क्यों नहीं दिल्ली में जनता दरबार लगा रहे हैं? उन्हें समझना चाहिए कि वह उत्तर प्रदेश के नहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। दिल्ली के लोगों को उत्तर प्रदेश जाने में काफी समस्या हो रही है।

बता दें कि जब पिछली बार अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने थे, तो उन्होंने दिल्ली सचिवायलय के सामने जनता दरबार लगाया था। इस दौरान इनते लोग जनता दरबार में पहुंच गए थे कि केजरीवाल को उठकर सचिवायल के अंदर जाना पड़ा था। लोग मेजों पर चढ़ गए थे, भारी हंगामा हुआ था। इसके बाद केजरीवाल ने सचिवालय की छत पर चढ़कर लोगों को संबोधित किया था।

शायद अरविंद केजरीवाल को यही डर सता रहा है कि कहीं इस बार भी दिल्ली में जनता दरबार के दौरान वही हंगामा न हो जाए। लेकिन जो कुछ भी हो, भाजपा नेता विजय जौली का भी कहना गलत नहीं है। केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और उन्हें दिल्लवासियों की समस्याएं दिल्ली में ही सुननी चाहिए।

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