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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब भाजपा भी बोलेगी 'कांशीराम की जय'

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Published: Tue, 11 Feb 2014 12:09 PM (IST)Updated: Tue, 11 Feb 2014 12:10 PM (IST)

दलित वोटों में भागीदारी बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सभाओं में अब कांशीराम जिंदाबाद के भी नारे लगेंगे। ...और पढ़ें

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लखनऊ [अवनीश त्यागी]। दलित वोटों में भागीदारी बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की सभाओं में अब कांशीराम जिंदाबाद के भी नारे लगेंगे। साथ ही पार्टी का अनुसूचित जाति मोर्चा 15 मार्च को उनका जन्मदिन भी धूमधाम से बनाएगा। इसके जरिए पार्टी उत्तर प्रदेश की उन सुरक्षित सीटों पर पैठ बनाएगी, जहां कभी उसका दबदबा हुआ करता था।

'मिशन मोदी' की कामयाबी के लिए भाजपा को पिछड़ों एवं अतिपिछड़ों के अलावा दलित वर्ग का वोट प्रतिशत बढ़ाने की भी दरकार है। दलित वोट बैंक के सहारे ही भाजपा ने 1998 के लोकसभा चुनाव में 17 सुरक्षित सीटों में 12 जीतकर रिकार्ड बनाया था। अब पार्टी सफलता के इतिहास को दोहराने की कोशिश में है। हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में 79 सुरक्षित सीटों में से 70 पर केसरिया लहराने से उसका हौसला भी बढ़ा है। सूत्रों के मुताबिक यूपी में भाजपा ने कम से कम दस प्रतिशत वोट वृद्धि का लक्ष्य तय किया है, जिसमें चार फीसद दलितों की भागीदारी तय की गई है। इस टारगेट को पाने के लिए ही पार्टी के नेताओं का कांशीराम के प्रति मोह जागा है। सूत्रों के अनुसार जिला व क्षेत्रीय स्तर पर सम्मेलन करने के साथ टिकट वितरण में भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। यूपी की 17 सुरक्षित संसदीय सीटों में से दस पर गैर जाटव प्रत्याशी उतारे जाएंगे।

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पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ नेता संघप्रिय गौतम का कहना है, पार्टी द्वारा स्वाभाविक दलित नेता डवलप नहीं कर पाने के कारण ही दलितों से दूरियां बढ़ी थीं। थोपे गए दलित नेताओं से भला नहीं हो सका। अब इसकी भरपाई की जाएगी।

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कांशीराम ही नहीं जगजीवन राम भी

भाजपा दलित वोटों में हिस्सेदारी बढ़ाने को चार बड़े नामों का सहारा लेने जा रही हैं। इनमें बाबा साहब डा.भीमराव अम्बेडकर, बाबू जगजीवन राम, केआर नारायण और कांशीराम हैं। इन्हें अपने आइकन के रूप में प्रचारित कर भाजपाई दलितों की बस्तियों में बसपा एवं कांग्रेस के दलित एजेंडे का जवाब देंगे। नरेंद्र मोदी के नाम से साथ साथ भाजपा शासित राज्यों में दलित हित में बनी योजनाएं भी प्रचारित की जाएगी।

बसपा की बपौती नहीं कांशीराम

भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय पासवान का कहना है कि डा.अम्बेडकर और बाबू जगजीवन राम की तरह कांशीराम के दलित उद्धार के काम की अनदेखी कर पाना संभव नहीं। उनको अपनी बपौती बताकर बसपा उनके योगदान को छोटा करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा की जीत का ब्योरा

वर्ष विजयी सुरक्षित क्षेत्र

1998 58 12

1999 29 7

2004 10 3

2009 10 2

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