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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दूसरों की पत्नियों से डेट करते हैं 90 फीसदी मर्द : मांझी

By Sumit KumarEdited By:
Published: Wed, 18 Feb 2015 07:58 AM (IST)Updated: Wed, 18 Feb 2015 08:06 AM (IST)

बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर विवादास्‍पद बयान दिया है। मांझी ने कहा कि 90 फीसदी ...और पढ़ें

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पटना। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर विवादास्पद बयान दिया है। मांझी ने कहा कि 90 फीसदी से ज्यादा मर्द दूसरों की पत्नियों को डेट करते हैं। अगस्त 2014 में अपने बेटे के एक शादीशुदा महिला पुलिसकर्मी के साथ पकड़े जाने के मामले पर मांझी ने कहा कि सिर्फ दो से पांच फीसदी लोग ही अपनी पत्नियों से साथ घूमने जाते हैं, बाकी लोग दूसरों की पत्नियों के साथ जाते हैं।

मांझी ने कहा कि अगर आप पटना के ईको पार्क जाएंगे, तो वहां पर सिर्फ अविवाहित लोग ही घूमते हुए नहीं मिलेंगे। अगर पुरुष और महिला दोनों व्यवस्क हैं और उनका आपसी सहमति से रिश्ता है तो अफेयर में कोई दिक्कत नहीं है। यह व्यक्तिगत मामला है।

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गौरतलब है कि इससे पहले मांझी कई विवादास्पद बयान दे चुके हैं। परिवार का पेट पालने के लिए कालाबाजारी को सही बताने, थोड़ी शराब पीने को गलत न मानने, बिजली के बिल के सेटलमेंट के लिए घूस देने से और पेट भरने के लिए चूहा खाने से लेकर पुल के ठेकेदारों से कमिशन लेने की बात कह चुके हैं।

लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया था। मगर, मांझी के लगातार विवादास्पद बयानों के कारण पार्टी के अंदर से ही उन्हें हटाने की मांग उठने लगी।

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इस पर मांझी बगावत पर उतर आए। बिहार विधानसभा में उन्हें 20 फरवरी को बहुमत साबित करना है। इससे पहले नीतीश कुमार दिल्ली में 130 विधायकों की राष्ट्रपति के सामने परेड करा चुके हैं। हालांकि, तब भी मांझी ने कहा था कि नीतीश के साथ गए एमएलए में कई बोगस एमएलए हैं। उनमें से 30 तो एमएलए ही नहीं हैं, वे कई राज्य बोर्ड और कमिश्नरीज के अध्यक्ष हैं।

मांझी का दावा है कि जेडीयू से 62, आरजेडी के 13, कांग्रेस के तीन विधायक उनके साथ हैं। मेरे विरोधी खुले आम मेरे समर्थकों को डरा रहे हैं। इसलिए वे खुलकर मेरे समर्थन की घोषणा नहीं कर रहे हैं। सदन में गुप्त मतदान होने दीजिए, तो खुद पता चल जाएगा कि सदन में जेडीयू का बहुमत किसके पास है।

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साभार - नई दुनिया