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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेटली ने खोली निर्वाचन अधिकारी की पोल

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Published: Fri, 09 May 2014 05:02 AM (IST)Updated: Fri, 09 May 2014 05:14 AM (IST)

राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता अरुण जेटली का कहना है कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता अरुण जेटली का कहना है कि इस चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल को वाराणसी के बेनियाबाग में रैली करने की इजाजत दी गई तो नरेंद्र मोदी को क्यों नहीं? उनका कहना है कि वे चुनाव आयोग से अपनी निराशा छुपा नहीं सकते। जो लोग संवैधानिक पद पर बैठे हैं उन्हें और निडर होने की जरूरत है। डरपोक लोग बड़े कार्यालयों को भी बौना कर सकते हैं।

चुनाव आयोग ने हम लोगों की हमेशा बारीकी से छानबीन की लेकिन जब बूथ कब्जा से रोकने की बात आती है तब ऐसा नजर नहीं आता। बूथ कब्जा की घटना दशकों बाद इस बार वर्ष 2014 के चुनाव में सामने आई है। वाराणसी में मोदी की रैली नहीं होने देने संबंधी निर्वाचन अधिकारी के रुख पर ध्यान नहीं देकर चुनाव आयोग ने मोदी को उनके चुनाव क्षेत्र में प्रचार करने के अधिकार से वंचित करने के लिए उनकी सुरक्षा का कार्ड खेला है। उन्होंने कहा कि यदि आप सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करा सकते तो देश में चुनाव मत कराइए लेकिन यदि आप चुनाव करा रहे हैं तो सबको बराबर का अवसर दें। आप प्रत्याशी को उसके क्षेत्र में प्रचार करने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकते।

जेटली ने वाराणसी के निर्वाचन अधिकारी की पोल खोलते हुए कहा कि हमें निर्वाचन अधिकारी ने जो अनुमति दी थीे वे ठीक कैसे हो सकती हैं? उन्होंने दो हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग की इजाजत दी थी। एक हेलीकॉप्टर को दो बार उतरना था। एक बार ग्रामीण इलाके में और दूसरी बार शहर में। मैंने सभी आवेदन बुधवार की रात 8.10 बजे वापस ले लिए क्योंकि मध्य रात्रि में यदि इजाजत मिले तो अगले दिन कार्यक्रम आयोजित करना असंभव है। जेटली ने कहा कि 48 घंटे के संघर्ष और मौखिक इन्कार के बाद निर्वाचन अधिकारी ने गंगा घाट पर प्रार्थना की इजाजत दी। इसी तरह होटल के हॉल में 150 लोगों से मिलने की इजाजत भी दी लेकिन पहले कह दिया था कि मोदी को शहर में कार से आने की इजाजत नहीं दी जा सकती। जब मैंने सभी आवेदन वापस ले लिए तो दो घंटे बाद निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया को कहा कि वह मोदी को शहर के 150 लोगों से मिलने की इजाजत देते हैं। क्या निर्वाचन अधिकारी इस बात की पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज दिखा सकते हैं कि भाजपा वैकल्पिक स्थान के लिए तैयार थी जो पहले वाली से भी छोटी थी।

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