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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वायुसेना प्रमुख ने बेंगलुरु के आकाश पर उड़ाया स्वदेशी तेजस

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Tue, 17 May 2016 06:06 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2016 06:47 PM (IST)

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने मंगलवार को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के प्रशिक्षण संस्करण को उड़ाया।

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बेंगलुरु, आइएएनएस : वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरुप राहा ने मंगलवार को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के प्रशिक्षण संस्करण को उड़ाया।

वायुसेना प्रवक्ता विंग कमांडर अनुपम बनर्जी ने बताया कि शहर के बादलों से घिरे आकाश में वायुसेना प्रमुख ने दो सीटों वाले इस विमान को करीब 30 मिनट तक उड़ाया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) एयरपोर्ट पर लैंड करने से पहले उन्होंने इसकी क्षमताओं का परीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ ग्रुप कैप्टन एम. रंगाचारी भी थे। राहा ऐसे पहले वायुसेना प्रमुख बन गए हैं जिन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) द्वारा डिजायन और विकसित विमान को उड़ाया है। तेजस का निर्माण बेंगलुरु स्थित एचएएल कर रहा है।

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वायुसेना के एयरक्राफ्ट सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टेब्लिश्मेंट (एएसटीई) में वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए राहा ने कहा, 'उड़ाने में यह विमान बेहतरीन है और हमारे बेड़े में शामिल करने के योग्य है।' 61 वर्षीय अरुप राहा एक अनुभवी (3,400 घंटे) फाइटर पायलट और योग्य उड़ान प्रशिक्षक हैं। इससे पहले सितंबर 2014 में वायुसेना उपप्रमुख एयर मार्शल एसबीपी सिन्हा ने भी तेजस को उड़ाया था।

सौ संशोधित संस्करणों सहित 120 तेजस विमानों को वायुसेना में शामिल करने की योजना है। चार विमान इस साल जुलाई तक एलसीए की पहली स्क्वाड्रन के लिए वायुसेना को मिल जाएंगे। साथ ही तेजस के उत्पादन को प्रतिवर्ष आठ से बढ़ाकर 16 करने के प्रस्ताव पर भी काम हो रहा है। क्षमता विस्तार की लागत (1,259 करोड़) में 50 प्रतिशत एचएएल और 25-25 प्रतिशत वायुसेना और नौसेना वहन करेंगे। हालांकि वायुसेना में शामिल करने के लिए तेजस को अभी फाइनल ऑपरेशन क्लीयरेंस मिलना बाकी है।

देखें तस्वीरें: एयर चीफ मार्शल ने तेजस में भरी उड़ान

बता दें कि वायुसेना सोवियत काल के मिग-21 विमानों के स्थान पर तेजस को अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है। चौथी पीढ़ी का यह विमान 1,350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। एक इंजन वाला और 8.5 टन वजनी यह सुपरसोनिक विमान तीन टन हथियारों के साथ उड़ान भर सकता है।

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