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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वायुसेना में महिला पायलटों के स्थायी कमीशन पर फैसला एक वर्ष में

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Fri, 06 May 2016 05:59 PM (IST)Updated: Fri, 06 May 2016 07:14 PM (IST)

रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने लोकसभा में बताया कि वायुसेना के लड़ाका दस्ते में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का फैसला 1 वर्ष में ले लिेंया जाएगा।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय वायुसेना के लड़ाका दस्ते में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने का फैसला एक वर्ष के भीतर ले लिया जाएगा। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

रक्षा मंत्री ने उत्तर देते हुए बताया

महिलाओं को फाइटर पायलट के रूप में शामिल करने पर पूरक प्रश्नों का रक्षा मंत्री ने उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि फाइटर पायलट के रूप में 'स्टेज-2' प्रशिक्षण के लिए तीन महिला प्रत्याशियों का चयन कर लिया गया है। चयनित महिलाएं जून-जुलाई तक तैयार हो जाएंगी।

प्रयोग के तौर पर किया जा रहा है

उन्होंने कहा कि अभी तक महिलाओं को अल्पकालिक सेवा में लिया जाता रहा है। यह प्रयोग के तौर पर किया जा रहा है ताकि स्थायी आधार पर शामिल करने से पहले पेश आने वाली कठिनाइयों को सुनिश्चित किया जा सके और उनका समाधान तलाशा जा सके।

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पर्रिकर ने कहा कि महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के बारे में शीघ्र ही फैसला लिया जाएगा। शामिल करने की दिशा में एक वर्ष के भीतर ही कदम बढ़ाया जाएगा। अपने लिखित जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा कि महिला और पुरुष दोनों पायलटों को एक ही प्रकार का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें जंगल और बर्फ पर अपनी जान बचाना सिखाया जा रहा है।

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महिलाएं शायद जेट फाइटर उड़ाने से हिचकिचा सकती हैं इस चिंता को रक्षा मंत्री ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि अर्जियों की बाढ़ आ जाएगी और एक दिन ऐसा भी आएगा जब वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में महिलाएं पुरुषों से आगे निकल जाएंगी।