यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम नेतृत्व वाली एसीसी ही करेगी बड़े पदों पर नियुक्ति
नई दिल्ली। सुशासन के लिए मोदी सरकार ने नौकरशाही का नट-बोल्ट कसना शुरू कर दिया है। सचिव या उसके समकक्ष ...और पढ़ें

नई दिल्ली। सुशासन के लिए मोदी सरकार ने नौकरशाही का नट-बोल्ट कसना शुरू कर दिया है। सचिव या उसके समकक्ष जैसे बड़े पदों पर लंबे समय तक रिक्तियां न हो या नियुक्ति में धांधली अथवा पक्षपात न होने पाए, इसके लिए सरकार ने जरूरी कदम उठाए हैं। इन पदों पर नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) करेगी।
लेकिन इसके लिए चयनित होने वाले अधिकारियों का नाम इलेक्ट्रानिक प्रक्रिया के जरिये प्रस्तावित होना जरूरी है। एसीसी वैकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम (एवीएमएस) ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिये सरकार रिक्तियों की स्थिति और नियुक्ति में पारदर्शिता पर नजर रखेगी।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने केंद्र सरकार के सभी विभागीय सचिवों को भेजे परिपत्र में इस बारे में जानकारी दी है। कहा गया है कि एसीसी नियुक्ति संबंधी किसी भी ऐसे प्रस्ताव पर विचार नहीं करेगी, जिसका अनुमोदन एवीएमएस माध्यम से न हुआ हो। एसीसी में प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री सदस्य होंगे। डीओपीटी के अनुसार सचिव और सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) में बोर्ड स्तर की नियुक्तियां एसीसी ही करेगी।
परिपत्र में कहा गया है कि पिछले वर्षो में एवीएमएस का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है। उसमें रिक्तियों या नियुक्ति संबंधी ताजा सूचनाओं को भी लगातार अपडेट नहीं किया जा रहा है। आगे कहा गया है कि नई सरकार के सौ दिनों के एजेंडे को ध्यान में रखते हुए एवीएमएस को अगले दिनों में पूरी तरह से सक्रिय कर दिया जाए। हर विभाग में नियुक्तियों और रिक्तियों के बारे में जानकारी सुनिश्चित करने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त है, जिसकी जिम्मेदारी है कि वह इस बाबत हर सूचना को लगातार अपडेट करे।
