यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डीए केसः वीरभद्र ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने डीए केस में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

नई दिल्ली, एएनआई। आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। कोर्ट ने प्राथमिकी रद करने से इंकार कर दिया था।
इस मामले में सीबीआई ने करीब 500 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया था, जिसमें 255 गवाह के नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अलावा इसमें उनके दूसरे सहयोगियों के भी नाम हैं। दायर आरोपपत्र में मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईजी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंदर सिंह घालटा, प्रेम राज, लवण कुमार कोच समेत कुल 9 लोग शामिल हैं।
31 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सीबीआई के एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सितंबर 2015 में मुख्यमंत्री वीरभ्रद सिंह, उनकी पत्नी व अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (2) और 13 (1) और आईपीसी की धारा 109 के तहत केस दर्ज किया था।
आरोप है कि 28 मई 2009 से 26 जून 2012 तक इस्पात मंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। वर्ष 2007 व 2008 के दौरान उनके व एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के बैंक खातों में बड़ी रकम की लेनदेन हुई।
यह भी पढ़ेंः ईडी ने हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह का फार्महाउस किया जब्त
