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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम वीरभद्र बोले, मेरे पीछे पड़ा फरीदाबाद का आयकर अधिकारी

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 05 Apr 2017 11:41 AM (IST)Updated: Wed, 05 Apr 2017 11:53 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आयकर उपनिदेशक विनोद शर्मा पर जमकर निशाना साधा है।

सीएम वीरभद्र बोले, मेरे पीछे पड़ा फरीदाबाद का आयकर अधिकारी
सीएम वीरभद्र बोले, मेरे पीछे पड़ा फरीदाबाद का आयकर अधिकारी

राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उनके पीछे आरएसएस पृष्ठभूमि के आयकर उपनिदेशक विनोद शर्मा पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद फरीदाबाद स्थित आयकर विभाग में सेवारत हैं, लेकिन उसने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर उनके खिलाफ झूठे मामले तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री ने यहां जारी बयान में कहा कि आयकर विभाग चंडीगढ़ से मिले निर्देशों के अनुसार झूठी, आधारहीन व मनघढ़ंत सर्वेक्षण रिपोर्ट और डोजियर तैयार करने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व सीबीआइ को झूठे मामले तैयार करने में सहायता करना था। वह सभी आरोपों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करके पाक साफ व राजनीतिक रूप से विजयी होकर निकलेंगे, क्योंकि देवभूमि के लोगों का उन पर पूर्ण विश्वास है।

उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जब्त की गई संपत्ति के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, ताकि मामले को सनसनीखेज बनाया जा सके। जहां तक फार्म के लिए जमीन खरीदने का मामला है तो उसे उनके बेटे विक्रमादित्य की मै. मैपल कंपनी द्वारा 1.20 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। इसके लिए विक्रमादित्य ने अपने खाते से 90 लाख की अदायगी उचित बैंकिंग चैनल से की। शेष राशि उन्होंने व्यक्तिगत जमा पूंजी से दी। उनके परिवार ने वी चंद्रशेखर से 5.90 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। उस राशि को बहुत समय पहले पूरे ब्याज के साथ वापस किया और उपयुक्त ढंग से आयकर की भी अदायगी की। यह रिकॉर्ड में दर्ज है कि संपत्ति 1.20 करोड़ रुपये में खरीदी गई पर ईडी द्वारा इसका मूल्यांकन 27 करोड़ रुपये में किया गया।

उनका आरोप है कि नई दिल्ली में आयकर विभाग के सहायक आयुक्त अजय सिंह की पत्‍‌नी उत्तर प्रदेश में भाजपा की विधायक हैं। उन्हें मैपल की संपत्ति के आकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई। ईडी ने नहीं दिया नोटिसमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय उनके खिलाफ सुनियोजित योजना के तहत कार्रवाई कर रहा है। यह इस बात से स्पष्ट है कि कंपनी की संपत्ति को संबद्ध करने से पहले उन्हें कानूनी नोटिस तक नहीं दिया गया।

मैंने कानून के दायरे में किया अपना काम 

मैं फिलहाल फरीदाबाद में नहीं गुरुग्राम आयकर विभाग में कार्यरत हूं। हिमाचल के मुख्यमंत्री ने मेरे बारे में जो बयान दिया है, उसके बारे में मैं कुछ भी कहने के लिए विभाग की तरफ से अधिकृत नहीं हूं। मेरे उच्चाधिकारी ही इस पर कुछ बोल सकते हैं। जांच के दौरान मैंने कानून के दायरे में अपना काम किया।

-विनोद शर्मा, आयकर अधिकारी, गुरुग्राम  

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