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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कबड्डी की ट्रॉफी देने पर उलझ गए सांसद व उपायुक्त

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Published: Thu, 02 Mar 2017 01:01 AM (IST)Updated: Thu, 02 Mar 2017 11:18 AM (IST)

शिवरात्रि महोत्सव मंडी की कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता व उपविजेता टीम को पुरस्कार देने पर मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा व उपायुक्त संदीप कदम आपस में उलझ गए।

कबड्डी की ट्रॉफी देने पर उलझ गए सांसद व उपायुक्त
कबड्डी की ट्रॉफी देने पर उलझ गए सांसद व उपायुक्त

जेएनएन, मंडी: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी की राज्यस्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में विजेता व उपविजेता टीम को ट्रॉफी व पुरस्कार राशि देने पर मंडी संसदीय क्षेत्र के सांसद रामस्वरूप शर्मा व उपायुक्त संदीप कदम आपस में उलझ गए। दोनों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई। बाद में दोनों पक्षों ने विवाद सुलझाने के लिए पड्डल स्थित जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी के कार्यालय में करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बैठक की। सांसद के साथ हुई नोंकझोंक का पता लगते ही मौके पर भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए। प्रशासन ने भी कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया।

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40 मिनट के बाद कमरे से बाहर निकलने पर सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि कबड्डी का खेल 40 मिनट मैदान में चला और 40 मिनट बंद कमरे में हुआ। फिलहाल वह इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन कबड्डी का यह खेल अब लंबा चलेगा। अपने जमाने में प्रसिद्ध कबड्डी खिलाड़ी रहे सांसद रामस्वरूप शर्मा बुधवार को पड्डल मैदान में कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल देखने पहुंचे थे। इसकी सूचना उन्होंने सुबह ही प्रशासन को दूरभाष पर दी थी। फाइनल में अतिरिक्त उपायुक्त हरीकेश मीणा मुख्य अतिथि थे, लेकिन वह तय समय पर नहीं पहुंचे। सांसद के मैदान मे पहुंचने पर आननफानन में उपायुक्त संदीप कदम वहां पहुंच गए। सांसद ने वहां फाइनल मुकाबला देखा। प्रतियोगिता के विजेता व उपविजेता को पुरस्कार बांटने की बारी आई तो उपायुक्त ने पुरस्कार खुद बांट दिए।

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रामस्वरूप शर्मा वहां तमाशबीन बने रहे। इसके बाद वह अपने वाहन की ओर चले गए। इस दौरान खेल अधिकारी के कमरे के पास उपायुक्त से उनका आमना-सामना हो गया। वहां इस मामले को लेकर उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ता देख उपायुक्त खेल अधिकारी के कार्यालय में चले गए। वहां सांसद रामस्वरूप भी पहुंच गए। इसके बाद तीन अधिकारियों व सांसद के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई। माहौल गर्माता देख अधिकारियों ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। 40 मिनट बाद उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व सांसद रामस्वरूप शर्मा एक साथ कमरे से बाहर निकले और एक-दूसरे से हाथ मिलाए। जब मीडिया ने कारण जानना चाहा तो इस बारे सांसद रामस्वरूप शर्मा ने इतना ही कहा, कमरे में चला मैच ड्रा रहा। शिवरात्रि में कोई खलल न पड़े, इसलिए वह अब कुछ नहीं बोलेंगे। सिर्फ यही चाहते है कि शिवरात्रि शांतिपूर्वक संपन्न हो। उपायुक्त संदीप कदम कहा कि बंद कमरे में इसलिए बैठे थे कि बाहर शोर बहुत अधिक था। सांसद के साथ किसी प्रकार का कोई विवाद नही हुआ है।

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