यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चे को जन्म देने वाली दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी को ही माना पति
युवती ने पहले युवके के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। उसके बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया। ...और पढ़ें

जेएनएन, यमुनानगर। सवा महीने पहले सिविल अस्पताल में बेटे को जन्म देने वाली कथित दुष्कर्म पीड़िता उसी युवक के साथ चली गई, जिसपर उसने जिंदगी बरबाद करने का आरोप लगाया था। वह साथ में अपने बेटे को भी ले गई। उसने अभियुक्त को अपना पति बताया और मंगलवार को एसडीएम कोर्ट में बयान दिया कि वह अभियुक्त अमित के साथ ही रहना चाहती है। इसके बाद दुखी परिवार वाले लौट गए।
बता दें कि गांव कैल की 19 वर्षीय युवती ने 21 मार्च 2017 को गांव के ही युवक अमित पर थाना सदर जगाधरी में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। उस समय वह सात महीने के गर्भ से थी। उसने आरोप लगाया कि अमित ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। 10 मई को उसने सिविल अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया था।
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एसडीएम के आदेश का परिवार वालों ने जताया विरोध
उसके बयान के बाद जगाधरी के एसडीएम बीबी कौशिक ने कहा कि लड़की बालिग है और वह अपनी मर्जी के अनुसार किसी के साथ भी जा सकती है। एसडीएम के इस आदेश का युवती के परिवार वालों ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया और बहुत समझाने बुझाने का बाद शांत हुए।
लड़की के दादा का कहना था कि उन्होंने अमित के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी हैै। अगली सुनवाई 11 सितंबर को है। उसकी पोती अमित के साथ जाना नहीं चाहती थी, लेकिन बयान दर्ज करते वक्त उन्हें बाहर निकाल दिया गया। पीछे से अधिकारियों व पुलिस ने उसकी पोती को बरगला कर गलत बयान दर्ज करवा लिए। पुलिस अभियुक्त से मिली हुई है।
