यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
New Covid Guideline: हरियाणा में नई गाइडलाइन जारी, धार्मिक व राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए लेनी होगी एनओसी
New Covid Guideline हरियाणा में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने लगे हैं। ऐसे में हरियाणा सरकार ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने लोगों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। दो गज की दूरी और मास्क पहनने की अनिवार्यता के साथ हरियाणा सरकार ने राजनीतिक दलों के लिए भी लक्ष्मण रेखा खींच दी। किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम, रैली, बड़े धार्मिक आयोजन, खेल समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और परीक्षा आदि के लिए जिला उपायुक्तों से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
वित्त एवं राजस्व आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल की ओर से जारी 12 पेज की नई गाइडलाइन में लोगों को फिजिकल डिस्टेंसिंग (शारीरिक दूरी) के नियमों का अनुपालन करने को कहा गया है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वह मास्क अवश्य पहनें। मास्क नहीं पहनने की स्थिति में लोगों पर पुलिस जुर्माना लगा सकती है। संजीव कौशल ने सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ की संख्या कम करने को लेकर भी नई गाइडलाइन जारी की है।
यह भी पढ़ें: Navjot Singh Sidhu ने किया किसानों को डायरेक्ट पेमेंट सिस्टम का विरोध, केंद्र पर साधा निशाना
अतिरिक्त मुख्य सचिव के अनुसार किसी भी इनडोर हाल में उसकी क्षमता के आधे लोग ही उसमें बैठ सकते हैं। इसके बावजूद 200 से ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। खुले स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों में 500 से ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी की मृत्यु हो जाने पर दाह संस्कार में 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, पुलिस महानिरीक्षकों, मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्तों को पत्र जारी कर पांच अप्रैल से नए नियम सख्ती के साथ लागू कराने को कहा है।
यह भी पढ़ें: Mukhtar Ansari को कभी भी किया जा सकता है यूपी की जेल में शिफ्ट, पंजाब ने 8 अप्रैल तक ले जाने को कहा
संजीव कौशल ने बताया कि जिन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए जिला उपायुक्त अनुमति देंगे, वहां नई गाइडलाइन का अनुपालन किया जा रहा है अथवा नहीं, इसकी जांच के लिए संयुक्त निरीक्षण दल भी उपायुक्त ही गठित करेंगे, ताकि लोगों को नियमों का अनुपालन करने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ राजनेताओं और आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वह इन नियमों का पालन कर राज्य को कोरोना के प्रभाव से मुक्त बनाने में सहयोग करें।
