यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्रियंका को क्यों कहना पड़ा, आम आदमी की तरह हमें भी है बोलने की आजादी
'बाजीराव मस्तानी' में सराहनीय अभिनय के बाद अब प्रियंका चोपड़ा 'जय गंगाजल' में एक पुलिस अफसर के दमदार किरदार में ...और पढ़ें

नई दिल्ली। हाल ही में देश की जनता ने जब शाहरुख खान और आमिर खान के लिए विरोध में आवाज उठाई तो इनका समर्थन करने कई बॉलीवुड सितारे भी आगे आए। प्रियंका चोपड़ा ने भी इस बारे में अपनी बात रखी है। उनके मुताबिक, हम लोकत्रांतिक देश में रहते हैं और इसलिए एक्टर्स को भी अन्य की तरह अपनी राय रखने का अधिकार है।
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प्रियंका की हालिया रिलीज फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' ने भी राजनीतिक समूहों का विरोध सहा था। मगर रोहित शेट्टी की 'दिलवाले' को शाहरुख के अहिष्णुता पर दिए गए बयान की वजह से ज्यादा नुकसान हुआ। प्रियंका चोपड़ा से जब पूछा गया कि क्या फिल्मी सितारे सॉफ्ट टारगेट्स होते हैं तो उन्होंने कहा, 'मैं वाकई में मानती हूं कि एक्टर्स सॉफ्ट टारगेट्स होते हैं। जैसे एक आम आदमी को बोलने की आजादी है, उसी तरह हमे भी कुछ कहने का अधिकार है। मगर जब आम आदमी कुछ बोलता है तो उसकी रोजी-रोटी नहीं छिनी जाती। फिर यह हमारे साथ क्यों होता है।'
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प्रियंका के मुताबिक, 'हम भी हमारी फिल्मों का एक हिस्सा हैं। हां, हमारे चेहरे पोस्टर्स पर रहते हैं, मगर फिल्म के साथ हजारों लोग जुड़े रहते हैं जिनमें एग्जिबिटर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और यहां तक कि थिएटर्स में पॉपकॉर्न बेचने वाले भी शामिल हैं। इस तरह की चीजों से उनकी जीविका पर प्रभाव पड़ता है और मैं इसके खिलाफ हूं।' आपको बता दें कि प्रियंका की अगली फिल्म 'जय गंगाजल' है, जिसमें वो एक पुलिस अफसर के किरदार में नजर आएंगी।
