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    कट्रीना कैफ ने वैवाहिक दुष्‍कर्म झेलने वाली महिलाआें से की ये अपील

    By Pratibha Kumari Edited By:
    Updated: Wed, 07 Dec 2016 12:06 PM (IST)

    कट्रीना कैफ का कहना है कि कभी-कभी शिक्षित महिलाएं भी सामाजिक नियम-कायदों के दबाव में घुटती रहती हैं और एेसे मुद्दों पर खामोशी ओढ़ लेती हैं, ...और पढ़ें

    मुंबई, पीटीआई। बाॅलीवुड एक्ट्रेस कट्रीना कैफ ने कहा है कि महिलाओं को चुपचाप अत्याचारों को सहन करने के बजाय उनके खिलाफ होने वाले वैवाहिक दुष्कर्म ( martial rape ) एवं अन्य तरह के अपराध जैसे मुद्दों पर निश्चित तौर पर आवाज उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, कभी-कभी शिक्षित महिलाएं भी सामाजिक नियम-कायदों के दबाव में घुटती रहती हैं और एेसे मुद्दों पर खामोशी ओढ़ लेती हैं, लेकिन एेसे मामलों में उन्हें आवाज उठानी चाहिए।

    बकौल कट्रीना, 'मैं शिक्षित महिलाओं के बारे में जानती हूं, जो चुपचाप हिंसा सहती रहती हैं क्योंकि वो सामाजिक नियम-कायदों से डरती हैं और उंगलियां भी उन्हीं की ओर उठती हैंं। खास तौर से तब जब हमारे समाज के अधिकतर लोग वैवाहिक बलात्कार जैसे अपराध को मानने से इनकार करते हैं।' कट्रीना ने कहा, 'मैं अधिक से अधिक महिलाओं से इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध करूंगी। खुद को कमतर या कमजोर समझना ठीक नहीं है, क्योंकि किसी तरह की कोरी कल्पना के आधार पर हम लैंगिक रूप से कमजोर नहीं हैं।'

    गौरतलब है कि 33 वर्षीय कट्रीना संयुक्त राष्ट्र महिला शाखा की भागीदारी के साथ आईएमसी वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के सहयोग से आयोजित वी यूनाइट सम्मेलन में बोल रही थीं। उन्होंने कहा, 'दुनिया के बड़े हिस्से पर पितृ सत्तात्मक समाज का नेतृत्व है और बरसों से महिलाएं अपने खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय इस पर चुप्पी साधे रही हैं।

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    कट्रीना के मुताबिक, यह जानकर बेहद दुख होता है कि लैंगिक भेदभाव एेसे देश में हो रहा है जहां महिलाएं राष्ट्राध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन से पहले भारत में एक महिला राष्ट्राध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि अमेरिका में एेसा अब तक नहीं हो पाया है। यही कारण है कि भारत में लैंगिक भेदभाव के बारे में सुनकर आश्चर्य होता है। यह दुखद बात है कि हम एेसा करते हैं। हर दिन महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध की चौंकाने वाली खबरें सुनने को मिलती हैं। सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है कि भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कितने मामले रिपोर्ट नहीं किए गए।'

    कट्रीना ने आगे कहा, 'बहरहाल यह सिर्फ भारत की ही समस्या नहीं है और संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह हर जगह हो रहा है। मगर महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामलों पर मेरा मानना है कि यह अपराध में बढ़ोतरी नहीं है बल्कि एेसी महिलाओं की संख्या में इजाफा है जो अपने उपर हो रहे अपराध के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं और इसकी रिपोर्ट कर रही हैं।'

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