यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अपनी मर्जी की मालिक बिपाशा को नहीं बनना था अमीर
बॉलीवुड की गलाकाट प्रतिस्पर्धा जगजाहिर है। अपनी पोजीशन बनाने और बरकरार रखने के लिए कलाकारों को कड़ी मेहनत और रणनीतियों ...और पढ़ें

मुंबई। बॉलीवुड की गलाकाट प्रतिस्पर्धा जगजाहिर है। अपनी पोजीशन बनाने और बरकरार रखने के लिए कलाकारों को कड़ी मेहनत और रणनीतियों पर काम करना पड़ता है। बिपाशा बसु इनसे कुछ अलग हैं।
बिपाशा कहती हैं, ‘मैंने कभी यह सोचकर फिल्में नहीं कीं कि मुझे अमीर बनना है या काफी लोकप्रियता हासिल करनी है। मेरे लिए हर साल नया होता है।’
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बिपाशा आजाद पक्षी की तरह रहना पसंद करती हैं और अपनी मनमर्जी से सारे काम करती हैं। वो कहती हैं, ‘मैं सिर्फ एक-एक महीने की प्लानिंग करती हूं। उसी हिसाब से काम करती हूं। इससे ज्यादा मैं कुछ प्लान नहीं करती हूं। मैं आजाद पक्षी की तरह रहना पसंद करती हूं। मैं खुद को आजाद मानती हूं। मेरी अब तक की जर्नी खूबसूरत रही है। मैं बिना प्लानिंग के इस मुकाम पर पहुंची हूं। मेरे कोई बडे़-बडे़ सपने नहीं हैं।’
बिपाशा अपने काम का प्रचार करने में यकीन नहीं करती हैं। वो कहती हैं, ‘मेरे लिए इतना ही काफी है कि मैंने चौदह साल तक इस इंडस्ट्री में निर्वाह किया है। मीडिया और दर्शकों ने मेरा हमेशा साथ दिया। मैंने कभी खुद की कोई पीआर टीम हायर नहीं की। ‘राज’ के समय में पीआर टीम से जुड़ी थी। ये उस वक्त की बात है, जब हर जगह पीआर के जरिए काम होता था। मैं अपनी जिंदगी से प्यार करती हूं। मैं किसी भी बात से दुखी नहीं होती हूं। मेरा मानना है कि एक ही तो जिंदगी मिली है, उसे प्लानिंग की बलि क्यों चढ़ाना।’
