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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा चुनावः पहाड़ में भी खेल बिगाड़ सकती है हाथी की चाल

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 25 Jan 2017 11:08 AM (IST)Updated: Thu, 26 Jan 2017 03:30 AM (IST)

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के लिए बहुजन समाज पार्टी जहां मैदानी जिलों में जीतने के लिए मैदान में है, वहीं पर्वतीय सीटों पर खेल बिगाड़ने में भी सक्षम है।

विधानसभा चुनावः पहाड़ में भी खेल बिगाड़ सकती है हाथी की चाल
विधानसभा चुनावः पहाड़ में भी खेल बिगाड़ सकती है हाथी की चाल

देहरादून, [अनिल उपाध्याय]: बहुजन समाज पार्टी जहां मैदानी जिलों में जीतने के लिए मैदान में है, वहीं पर्वतीय सीटों पर खेल बिगाड़ने में भी सक्षम है। विधानसभा चुनाव 2012 के आंकड़ों पर गौर करें तो बसपा ने हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिलों में करीब 22 फीसद मत प्राप्त कर अपनी मजबूत उपस्थिति का अहसास कराया और तीन सीटें जीतीं। वहीं, शेष 10 जिलों में भी बसपा 10 फीसद से ज्यादा मत प्राप्त करने में सफल रही।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2017 के लिए बिसात बिछ चुकी है। भाजपा और कांग्रेस अभी तक एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने और अपने-अपने घरों में लगी आग बुझाने में व्यस्त दिख रहे हैं। वहीं, बसपा भी प्रदेश की 70 सीटों पर मैदान में हैं।

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बीते विधान सभा चुनाव में बसपा ने 70 में से 28 सीटों पर जमानत बचाने में सफलता प्राप्त की थी। आंकड़े बताते हैं कि बसपा गढ़वाल के बजाय कुमाऊं में ज्यादा मजबूत रही।

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गढ़वाल के सात जिलों में बसपा को 6.51 फीसद वोट मिले। इनमें से छह पर्वतीय जिलों में बसपा 3.30 फीसद मतों तक सिमट गई। वहीं कुमाऊं के छह जिलों में बसपा ने 12.24 फीसद और पांच पर्वतीय जिलों 11.11 फीसद मतों पर कब्जा किया। इस बार भाजपा और कांग्रेस की आपसी जंग और दलबदल की स्थिति में बसपा इससे बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रही है।

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खासतौर पर पर्वतीय सीटों पर बसपा के प्रदर्शन की बात करें तो टॉप-10 सीटों में से नौ सीटें कुमाऊं मंडल की थी। इनमें से तीन सीटों पर बसपा प्रत्याशियों ने 22 फीसद से ज्यादा और इसके बाद की दो सीटों पर 16 फीसद से ज्यादा मत प्राप्त किए।

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इतना ही नहीं, इन सीटों पर बसपा दूसरे और तीसरे स्थान पर बेहद कम अंतर के साथ डटी रही। इन सीटों पर इस बार बसपा की रणनीति भाजपा-कांग्रेस की राज्य के मुद्दों से दूरी और आपसी विवादों को कैश करने की हो सकती है। ऐसे में साफ है कि हरिद्वार-ऊधमसिंहनगर में जहां बसपा जीतने की कूवत रखती है, वहीं पर्वतीय सीटों पर भी बसपा कई प्रत्याशियों के खेल बिगाड़ सकती है।

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विधानसभा चुनाव-2012 की तस्वीर

जिलावार मत प्रतिशत

उत्तरकाशी----------2.58

चमोली---------------2.07

रुद्रप्रयाग-------------3.26

पौड़ी------------------3.77

देहरादून--------------5.20

हरिद्वार-------------25.80

पिथौरागढ़-----------9.40

बागेश्वर-------------10.60

अल्मोड़ा-------------8.49

चंपावत-------------15.30

नैनीताल------------11.80

ऊधमसिंहनगर-----17.87

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हरिद्वार-ऊधमसिंहनगर---21.83

शेष 10 जनपद-----------10.11

गढ़वाल मंडल--------------6.51

कुमाऊं मंडल--------------12.24

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टॉप 10 पर्वतीय सीटें

चंपावत--------------------26.70

रानीखेत-------------------23.80

डीडीहाट-------------------22.60

रामनगर------------------17.70

बागेश्वर-------------------14.40

अल्मोड़ा-------------------14.30

कालाढूंगी------------------12.20

चौबट्टाखाल----------------10.80

धारचूला--------------------9.26

नैनीताल--------------------8.67

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