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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा की हार के कारणों की जिले-जिले तैयार हो रही रिपोर्ट, 25 को समीक्षा

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 17 Mar 2017 05:59 PM (IST)Updated: Sat, 18 Mar 2017 06:23 PM (IST)

सपा यूपी विधानसभा चुनाव में हार के बाद नए सिरे से समीक्षा में जुट गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ...और पढ़ें

सपा की हार के कारणों की जिले-जिले तैयार हो रही रिपोर्ट, 25 को समीक्षा
सपा की हार के कारणों की जिले-जिले तैयार हो रही रिपोर्ट, 25 को समीक्षा

लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नए सिरे से समीक्षा में जुट गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी सीटों के प्रत्याशियों से चुनावी रिपोर्ट तलब की है। इसमें प्रत्याशियों से उनकी हार-जीत के कारणों की लिखित तौर पर पक्ष मांगा है। इस रिपोर्ट पर गहन चिंतन-मंथन करने के बाद 25 मार्च को हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जन भागीदारी से जागरूकता, गोष्ठियां, समाजवाद का प्रचार, धरना, प्रदर्शन, आंदोलन आदि की तैयारी की जाएगी।
पराजय के कारणों पर विस्तार से चर्चा
अखिलेश यादव की अध्यक्षता में पहली बार 25 मार्च को लखनऊ में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सिर्फ तीन बिन्दुओं पर चर्चा होगी। पहला, सदस्यता अभियान शुरू करने पर चर्चा होगी। कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों के नाम तय किये जाएंगे और  अक्टूबर में राष्ट्रीय अधिवेशन के स्थान व उसकी तिथि पर भी चर्चा होगी। विधानसभा-2017 में पराजय के कारणों पर विस्तार से चर्चा होगी। सपा छोड़कर दूसरे दलों में जाने वालों पुराने वफादारों की वापसी के लिए द्वार खोलने पर भी चर्चा संभव है। 
सूत्रों के मुताबिक जिलों से यह रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर हाईकमान को भेजने को कहा गया है। इसके अलावा पार्टी के जिन कद्दावर लोगों ने प्रत्याशियों को जिताने के बजाय विरोधियों के पक्ष में काम किया है। उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस दायरे में कई जिलों में पार्टी के कई चर्चित चेहरे भी है। यह सूची भी हार के कारणों की समीक्षा में सपा प्रमुख के लिए खास महत्व रखती है।
उल्लेखनीय रहे कि कई जिलों में तो सपा सब की सब विधानसभा सीटों पर से चुनाव हार गई है। हालांकि सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी बड़ी संख्या में दूसरे स्थान पर रहे है। पार्टी प्रमुख द्वारा चुनावी रिपोर्ट तलब किए जाने की पुष्टि करते हुए कई जिलाध्यक्षों ने इस आशय की रिपोर्ट तैयार जल्द ही हाईकमान को भेजने की बात कही है। एक सपा प्रवक्ता ने बताया कि कार्यकारिणी में संगठन की मजबूती पर मुख्य रूप से चर्चा होनी है। चुनाव में हार जीत होती रहती है, मगर संगठन एकजुट होना बहुत जरूरी है।

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