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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आंदोलन का असर, दिल्ली में पानी आपूर्ति प्रभावित

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 19 Feb 2016 09:26 PM (IST)Updated: Fri, 19 Feb 2016 09:35 PM (IST)

रियाणा के जाट आंदोलन का असर दिल्ली तक पहुंच गया है। शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने हरियाणा में मूनक नहर का ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। हरियाणा के जाट आंदोलन का असर दिल्ली तक पहुंच गया है। शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने हरियाणा में मूनक नहर का गेट जबरन बंद कर दिया। इसके चलते दिल्ली जल बोर्ड के 10 में से सात जलशोधन संयंत्रो से पानी आपूर्ति प्रभावित हो गई है। ये संयंत्र बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। आनन-फानन में दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियो से संपर्क कर मूनक नहर को जल्द खुलवाने की गुहार लगाई है। यदि देर रात तक यमुना नदी से मूनक नहर में पानी आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो दिल्ली में पानी के लिए हाहाकार मच सकता है।

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हैदरपुर जलशोधन संयंत्र दिल्ली जल बोर्ड का सबसे बड़ा संयंत्र है। इस संयंत्र में मूनक नहर से ही पानी आता है। दिल्ली में इस संयंत्र से प्रतिदिन 200 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। मूनक नहर से पानी की आपूर्ति बंद किए जाने के चलते यह संयंत्र सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। इसके अलावा वजीराबाद, चंद्रावल, नांगलोई, बवाना, द्वारका व ओखला जल शोधन संयंत्र से पानी आपूर्ति प्रभावित हुई है। जल बोर्ड के अनुसार देर शाम के वक्त यमुना नदी से मूनक नहर में जलापूर्ति बंद किए जाने की सूचना मिली है। इसके बाद जल बोर्ड के अधिकारियों ने तुरंत इसकी जानकारी दिल्ली सरकार को दी और मामले पर हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई। इसके बाद दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों से संपर्क कर जल्द मूनक नहर से पानी आपूर्ति शुरू कराने के लिए कहा है।

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बताया जा रहा है कि मूनक नहर के निचले हिस्से में मौजूद पानी आने से फिलहाल संयंत्र बंद नहीं किए गए हैं। लेकिन रात में यदि मूनक नहर से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो शनिवार को सातों संयंत्रो से पानी आपूर्ति बंद हो जाएगी। इसके चलते शनिवार को दिल्ली में पेयजल किल्लत होना तय है। सिर्फ सोनिया विहार व भागीरथ जल शोधन संयंत्रो से ही पानी की आपूर्ति हो पाएगी, क्योंकि इन दोनों संयंत्रो को उत्तर प्रदेश के गंग नहर से जलापूर्ति होता है। बाकी संयंत्र दो दिन भी बंद रह गए तो दिल्ली बूंद-बूंद पानी के लिए तरस जाएगी। जल बोर्ड ने लोगों को आगाह किया है कि पेयजल किल्लत होने पर जल बोर्ड के कॉल सेटर या केंद्रीय आपातकालीन केंद्रों में फोन कर पानी के टैंकर मंगाए जा सकते हैं।