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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गणतंत्र दिवस परेड: देश के इतिहास में पहली बार राजपथ पर दिखेगी विदेशी सेना

By Amit MishraEdited By:
Published: Fri, 08 Jan 2016 09:01 PM (IST)Updated: Sat, 09 Jan 2016 10:42 AM (IST)

नई दिल्ली। इस बार के गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। पहली बार कोई विदेशी सैन्य टुकड़ी इस ऐतिहासिक परेड का हिस्सा बनेगी।

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नई दिल्ली। नई दिल्ली। इस बार के गणतंत्र दिवस परेड के दौरान एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। पहली बार कोई विदेशी सैन्य टुकड़ी इस ऐतिहासिक परेड का हिस्सा बनेगी। इस दफा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर फ्रांसीसी सैनिकों का दस्ता राजपथ पर भारतीय जवानों के साथ कदमताल करता नजर आएगा।

इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहेंगे। उच्च आधिकारिक सूत्रों ने फ्रांसीसी सैनिकों के परेड में भाग लेने के बारे में जानकारी दी है।

छोटा और प्रभावी होगा इस साल गणतंत्र दिवस परेड

यह संयोग ही है कि फ्रांसीसी सेना के 56 जवानों की एक टुकड़ी भारत में पहले से ही मौजूद है। फ्रांस के सेना के बख्तरबंद ब्रिगेड की 35वीं इंफेंट्री रेजिमेंट के ये जवान शुक्रवार से राजस्थान में शुरू आतंकवाद रोधी संयुक्त अभ्यास 'शक्ति-2016' में हिस्सा ले रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार परेड में भाग लेने के लिए उपयुक्त मार्चिग दस्ता बनाने के वास्ते कुछ फ्रांसीसी सैनिक पेरिस से भी नई दिल्ली पहुंचेंगे।

गणतंत्र परेड में डॉग स्क्वाड का दस्ता भी मार्च करते दिखेगा

फ्रांसीसी सेना की इंफेंट्री रेजिमेंट 1604 में गठित की गई थी। इस टुकड़ी के पास अल्जीरिया, अफ्रीका, इराक और अफगानिस्तान में अभियान चलाने का अनुभव है। इस रेजिमेंट ने अब तक 12 युद्ध सम्मान हासिल किया है। 2009 में भारतीय सेना की एक टुकड़ी भी फ्रांस के परंपरागत सैन्य परेड का हिस्सा बनी थी। यह विश्व का सबसे पुराना सैन्य परेड माना जाता है।