यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गणतंत्र परेड में डॉग स्क्वाड का दस्ता भी मार्च करते दिखेगा
इस बार गणतंत्र दिवस परेड कुछ ज्यादा ही रोमांचक होने जा रहा है। इस दौरान आपको सेना के जांबाज और ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इस बार गणतंत्र दिवस परेड कुछ ज्यादा ही रोमांचक होने जा रहा है। इस दौरान आपको सेना के जांबाज और फुर्तीले डॉग स्क्वाड के स्वान भी जवानों के साथ मार्च करते दिखाई देंगे। सेना की रीमाउंट वेटनरी कोर को यह मौका दशकों बाद मिला है। इस बार परेड की कुल अवधि घटा कर इसे ज्यादा रोचक बनाने के साथ ही इसमें और भी कई बदलाव किए गए हैं।
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर इस बार राजपथ पर सैन्य और सुरक्षा कर्मियों व राज्यों की झांकियों के साथ ही डॉग स्क्वाड के 32 श्वानों की टुकड़ी अपने प्रशिक्षकों के साथ कदमताल करेगी। कई मौकों पर सेना का यह दस्ता अपने विविध करतब भी दिखा चुका है। हालांकि यहां इन्हें सिर्फ मार्च करना है। सेना की सबसे पुरानी सेवा में शामिल रीमाउंट वेटनरी कोर (आरवीसी) की उपयोगिता लगातार बढ़ती जा रही है। आतंकवाद प्रभावित इलाकों में सेना ना सिर्फ विस्फोटकों की तलाश में इनका जम कर उपयोग करती है, बल्कि जांच में भी इन प्रशिक्षित कुत्तों का उपयोग किया जाता है। इनको शामिल किया जाना इस लिहाज से और खास है कि दो घंटे तक चलने वाली परेड की कुल अवधि इस बार डेढ़ घंटे तक सीमित की जा रही है। इसी वजह से इस बार अर्ध सैनिक बलों के दस्ते भी कम किए गए हैं।
परेड में प्रयोग के तौर पर इस बार परेड में कई और बदलाव भी किए गए हैं। परेड के बाद पहली बार लाल किले के सामने तीन दिन के विशेष मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें सभी राज्यों के भोजन, हस्तशिल्प और लोक कलाओं आदि के साथ ही उनकी झांकियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसी तरह समारोह की समाप्ति के एलान के तौर पर 29 जनवरी की शाम विजय चौक पर होने वाली बीटिंग रीट्रिट में विभिन्न मिलिट्री बैंड के साथ पहली बार सितार, संतूर और तबला जैसे भारतीय वाद्यों की धुन भी सुनाई देगी। उधर, महिला सशक्तीकरण का प्रदर्शन करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दस्ते में सिर्फ महिलाएं ही होंगी। 67वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद होंगे।
