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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो गज कफन के इंतजार में घंटो पड़ा रहा शव

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Tue, 28 Feb 2017 02:09 PM (IST)Updated: Tue, 28 Feb 2017 11:22 PM (IST)

रविवार को रजौली प्रखंड के बैजदा गांव में एक व्यवक्ति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या ...और पढ़ें

दो गज कफन के इंतजार में घंटो पड़ा रहा शव
दो गज कफन के इंतजार में घंटो पड़ा रहा शव

नवादा [जेएनएन]। जिंदगी तो किसी तरह अभावों में गुजर गई, लेकिन मौत के बाद दो गज कफन भी नसीब नहीं हुआ। कफन के इंतजार में घंटों लाश पड़ी रह गई। मानवता को शर्मशार करने वाली यह घटना बिहार के नवादा जिले की है, जहां अंतिम विदाई के वक्त दो गज कफन देने को कोई सामने नहीं आया।

एक तो निर्मम हत्या, दूसरा अंतिम संस्कार के वक्त गांव-परिवार के किसी सदस्य का नहीं आना मानवता को शर्मसार करने के लिए काफी कहा जाएगा। सोमवार को दिनभर क्षेत्र में यही चर्चा होती रही। अंत में पुलिस ने ही शव का अंतिम संस्कार करा दी।

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रविवार को रजौली प्रखंड के अमावां पश्चिमी पंचायत के बैजदा गांव में चाकू से गोदकर सतीश सिंह को मौत के घाट उतार दिया गया था। घटना बाद घर के सभी सदस्य फरार हो गए थे। सूचना बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस इंतजार करती रही कि कोई शव लेने आएगा। थाने में पूरी रात शव पड़ा रहा। रजौली थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने ग्रामीणों और पंचायत के कई गणमान्य लोगों से संपर्क कर शव को ले जाने के लिए कहा। लेकिन उनका प्रयास विफल रहा। 

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जब कोई भी शव को लेने नहीं आया तो थानाध्यक्ष ने सोमवार की सुबह धनार्जय नदी में शव को दफन करा दिया। कई लोगों का कहना है कि मृतक सतीश के कई दोस्त थे। और सभी से मिलजुल कर रहने वाला ब्यक्ति था। लेकिन उनकी मौत पर ना उनकी अच्छाई काम आई और न ही उनके मिलनसार स्वभाव ने किसी को प्रभावित किया। कोई दोस्त तक आगे नहीं आया। लावारिश की भांति उन्हें दफन होना पड़ा।

बता दें कि मृतक अविवाहित थे। घर में विधवा भाभी व भतीजा ही वारिश है। लेकिन दोनों घटना के दिन से ही गायब हैं। ग्रामीण, पड़ोंसी,दोस्त, रिश्तेदार, जनप्रतिनिधि तक कोई शव लेने नहीं आया।

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