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    दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार क्यों हो रहा 'कंगाल'? टैंकर 'डार्क मोड' में रवाना; वेनेजुएला का खाली खजाना; जानिए पूरी कहानी

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 09:05 PM (IST)

    वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार होने के बावजूद, उसका ऊर्जा क्षेत्र ध्वस्त हो गया है। 2013 में निकोलस मादुरो के सत्ता में आने के बाद से ...और पढ़ें

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    दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला वेनेजुएला क्यों हुआ कंगाल (फाइल फोटो)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला के पास पृथ्वी पर सबसे अधिक सिद्ध तेल भंडार हैं। इसके पास सऊदी अरब से भी ज्यादा तेल का भंडार है। जिस हिसाब से इसके पास तेल का भंडार है, इसको ऊर्जा महाशक्ति वाला देश होना चाहिए था, लेकिन हकीकत इसके उलट है। वेनेजुएला का ऊर्जा क्षेत्र ध्वस्त पूरी तरह ध्वस्त है।

    दरअसल, 2013 में निकोलस मादुरो के सत्ता संभालने के बाद से उत्पादन लगातार गिरता गया और 2024 में एक मिलियन बैरल से नीचे पहुंच गया। किसी समय में प्रतिदिन 35 लाख बैरल तेल निकालने वाला वेनेजुएला आज मुश्किल से 9.6 लाख बैरल ही उत्पादन कर पाता है। इस गिरावट के पीछे आर्थिक कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का घातक संयोजन है।

    कैसे असमर्थ हो गई मादुरो सरकार ?

    मादुरो के सत्ता में आने के तीन साल बाद 2016 में वेनेजुएला गंभीर मंदी में फंस गया, मुद्रास्फीति 500 प्रतिशत तक पहुंच गई। मादुरो सरकार तेल अवसंरचना के रखरखाव और जरूरी उपकरण आयात करने में असमर्थ हो गई।

    कैसे खोखला हुआ तेल उद्योग?

    इसी दौरान 2017 में अमेरिका ने सरकारी तेल कंपनी PDVSA पर प्रतिबंध लगा दिए, जिससे वैश्विक बाजारों और वित्तीय प्रणालियों तक पहुंच बंद हो गई। इससे राजस्व ठप हो गया और विदेशी निवेश भी बंद हो गया, नतीजा यह हुआ कि कुशल कर्मचारी देश छोड़कर चले गए।अपर्याप्त निवेश और भ्रष्टाचार ने यहां के तेल उद्योग को पूरी तरह खोखला कर दिया।

    PDVSA पर बकाया कर्ज के कारण उसकी संपत्तियां कई देशों में जब्त हो गईं। 2019 में अमेरिका ने तेल पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि, 2023 में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अमेरिका थोड़ा ढीला हुआ, लेकिन 2024 में मादुरो के निष्पक्ष चुनाव न कराने पर फिर सख्त कर दिए गए।

    क्या बोल रहें ट्रंप?

    वहीं, अब शनिवार को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी कंपनियों ने कभी वेनेजुएला का तेल उद्योग बनाया था, जिसे समाजवादी शासन ने चुरा लिया। ट्रंप अब बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियों को वहां भेजकर उत्पादन बहाल करने और देश के लिए पैसा कमाने की बात कह रहे हैं।

    इसको लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना सफल हुई तो उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ सकता है और वैश्विक तेल कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

    कई तेल टैंकर वेनेजुएला से 'डार्क मोड' में रवाना

    निगरानी सेवा TankerTrackers.com के अनुसार, वेनेजुएला के कच्चे तेल और ईंधन से लदे लगभग एक दर्जन टैंकर हाल के दिनों में देश के जलक्षेत्र से डार्क मोड में रवाना हुए, जिससे अमेरिका द्वारा लगाए गए सख्त नाकाबंदी का उल्लंघन हुआ। जो जहाज रवाना किए गए हैं, उनको लेकर बताया जा रहा है कि वे अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन हैं।

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