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बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, भीड़ ने हमले के बाद लगाई आग

Published: Thu, 01 Jan 2026 04:16 PM (IST)Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:03 PM (IST)

बांग्लादेश में अशांति का दौर जारी है। 31 दिसंबर को शरीयतपुर जिले में भीड़ ने खोकोन दास नामक एक हिंदू ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में लगातार अशांति का दौर जारी है। बुधवार को यहां भीड़ ने एक अन्य हिंदू व्यक्ति खोकोन दास पर हमला किया। इस हमले में 50 वर्षीय दास घायल हो गया। जिसके बाद भीड़ ने उसे जिंदा जला दिया। यह घटना 31 दिसंबर को देश के शरीयतपुर जिले में हुई थी।

खोकोन दास को भीड़ ने जिंदा जलाया

रिपोर्ट्स के अनुसार, दास अपने घर जा रहे थे जब भीड़ ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया, पीटा और आग लगा दी। यह बांग्लादेश में किसी हिंदू पर चौथा हमला है।

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बांग्लादेश में हिंदुओं पर यह चौथा हमला

इससे पहले सोमवार को बेजेंद्र बिस्वास नाम के एक हिंदू युवक को उसके सहकर्मी ने गोली मार दी थी। 24 दिसंबर को एक और हिंदू युवक 29 साल के अमृत मंडल को कथित तौर पर बांग्लादेश में कालीमोहर संघ के हुसैनडांगा इलाके में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।

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दीपू चंद्र दास की बेरहमी से हत्या 

इससे पहले 18 दिसंबर को, 25 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मयमनसिंह के भालुका में उसकी फैक्ट्री में एक मुस्लिम सहकर्मी द्वारा ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाने पर भीड़ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। भीड़ ने दास की हत्या कर दी और फिर उसके शव को आग लगाने से पहले एक पेड़ से लटका दिया।

यूनुस प्रशासन में बढ़ी हिंदू विरोधी घटनाएं

बांग्लादेश में यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में वृद्धि देखी गई है, जिससे दुनिया भर में लोगों और कई मानवाधिकार संगठनों में आक्रोश फैल गया है।

पिछले हफ्ते, भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों पर होते हमलों पर गंभीर चिंता जताई। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा के संबंध में भारत की चिंता को खारिज कर दिया और कहा कि भारत का बयान गलत और भ्रामक है।

बयान में कहा गया है, 'हम देखते हैं कि आपराधिक कृत्यों की अलग-अलग घटनाओं को हिंदुओं के व्यवस्थित उत्पीड़न से जोड़कर भारत के विभिन्न हिस्सों में बांग्लादेश विरोधी भावनाएं फ़ैलाने का प्रयास किया जा रहा है। आम भारतीयों को भड़काने के लिए अलग-अलग घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता है और प्रचारित किया जाता है।'

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधान मंत्री शेख हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार 'धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल है और चरमपंथियों को विदेश नीति निर्धारित करने की अनुमति देती है।'

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