जासूस, ड्रोन और हेलीकॉप्टर; 2 घंटे 22 मिनट में अमेरिका ने मादुरो को कैसे पकड़ा?
वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व' के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को 2 घंटे 22 मिनट में पकड़ा गया। यह अभिया ...और पढ़ें
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अमेरिका ने मादुरो को कैसे पकड़ा (फोटो- एक्स)
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: वेनेजुएला में अमेरिका के असाधारण सैन्य अभियान 'आपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व' के तहत शनिवार को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को भारी सुरक्षा व्यवस्था से लैस किलेनुमा आवास से कब्जे में लेकर सुरक्षित ठिकाने की तरफ निकल जाना किसी फिल्मी पटकथा जैसा प्रतीत हो रहा है।
अमेरिकी जनरल ने बताया कि जितनी मजबूत पटकथा थी, उतनी ही जोरदार इसकी तैयारी और रिहर्सल रहा। उसी का नतीजा है कि दुश्मन को उसकी मांद से निकाल लाया गया और सुरक्षाबलों को हरकत का मौका तक नहीं मिला।
ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि इस तरह का अभियान केवल अमेरिकी सेना ही अंजाम दे सकती है। इसमें जितना योगदान वायुसेना, नौसेना, इंटेलिजेंस यूनिटों का रही, उतना ही बड़ा सहयोग साइबर और स्पेस कमांड का भी रहा। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी यूनिटों की अद्भुत भागीदारी की जमकर प्रशंसा की।
150 से ज्यादा लड़ाकू विमान
जनरल केन ने बताया कि ये आपरेशन न्याय विभाग के समर्थन में चलाया गया, जिसे दो आरोपित लोगों, निकोलस मादुरो और सिलिया मादुरो, की तलाश थी। इस अभियान में अमेरिकी खुफिया एजेंसियां, कानून प्रवर्तन और सैन्य बलों की समस्त शाखाओं का सहयोग मिला। लादेन मिशन वाली नाइट स्ट्राइकर यूनिट भी थी शामिल अभियान में 150 से ज्यादा लड़ाकू विमान शामिल थे, जिन्होंने 20 अलग-अलग जमीनी और समुद्री ठिकानों से उड़ानें भरीं।
इन विमानों में बांबर, फाइटर, खुफिया, टोही, सर्विलांस, रोडरीविंग एयरक्राफ्ट शामिल थे। उन्होंने बताया कि अभियान में रिमोट से संचालित ड्रोन से भी अतिरिक्त कवरेज मिली। मादुरो को पकड़ने के अभियान में एलीट आर्मी की 'नाइट स्टाकर' हेलीकाप्टर यूनिट भी शामिल थी, जिसे 2011 में आतंकी संगठन अल कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ अभियान में लगाया गया था। राडार से बचने को भरी नीची उड़ान जब बचाव दल वेनेजुएला की ओर बढ़ रहा था, तो हेलिकाप्टरों ने पकड़े जाने से बचने के लिए बहुत नीचे उड़ान भरी।
केन ने बताया कि हेलिकाप्टर पानी की सतह से करीब 100 फीट ऊपर उड़ते हुए वेनेजुएला में दाखिल हुए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने स्पेस कमांड और साइबर कमांड की मदद से कराकास तक सुरक्षित रास्ता बनाया। इस दौरान नौसेना, वायुसेना, मरीन कार्प्स और एयर नेशनल गार्ड के लड़ाकू विमान ऊपर से सुरक्षा दे रहे थे।
केन के अनुसार, जैसे ही दल काराकास के पास पहुंचा, संयुक्त वायु इकाई ने वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय करना शुरू कर दिया। इसका मुख्य उद्देश्य हेलिकाप्टरों और जमीनी बलों की सुरक्षा करना और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना था।
शीत युद्ध के दौर की यादें ताजा मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिकी की तैयारियां शीतयुद्ध काल की गोपनीय अभियानों की याद ताजा कराती है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो के खिलाफ अभियान में खुफिया एजेंसियों का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने मादुरो की दिनचर्या और खाने-पीने से लेकर उनके पालतू पशुओं तक की जानकारी रखी।
खुफिया एजेंटों की पहुंच ऐसी थी कि उन्होंने मादुरो के सेफ हाउस के चप्पे-चप्पे की जानकारी ले ली थी। इसमें आने-जाने के रास्तों से लेकर मादुरो के बेडरूम तक की जानकारी शामिल थी। इस आधार पर सेफ हाउस की तरह की एक प्रतिकृति तैयार की गई, जिसमें मादुरो को पकड़ने के अभियान का जमकर रिहर्सल किया गया।
पूरी तैयारी करने के बाद क्रिसमस और नए साल पर आपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व चलाने की योजना थी। कुल दो घंटे 22 मिनट के अभियान में बिजली की रफ्तार से अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने मादुरो को अपने कब्जे में कर लिया। सैन्य बलों को ये भी पता था कि मादुरो के घर में स्टील के दरवाजे हैं, जिन्हें काटने के लिए ब्लोटार्च की जरूरत पड़ेगी। ऐसी सटीकता पहले कभी नहीं देखी गई।
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने कहा कि इस घटनाक्रम ने समूचे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बेहद खतरनाक मिसाल रख दी है। इसके बाद दुनिया का कोई भी अमेरिका विरोधी राष्ट्राध्यक्ष खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता।
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