यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sandeshkhali में जय श्रीराम कहने पर TMC नेता..., स्थानीयों ने सुनाई आपबीती- रोजगार मांगने पर तोड़ दिए थे पैर
संदेशखाली के कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां जय श्रीराम कहने पर मनाही थी। कर्णखाली की स्थानीय एक ...और पढ़ें

HighLights
- यदि कोई कह भी देता तो होती थी पिटाई
- संदेशखाली में बर्बरता की तमाम घटनाएं आ रही हैं सामने
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। संदेशखाली के कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां जय श्रीराम कहने पर मनाही थी। यदि कोई कह भी देता था, तो इसका पता चलने पर तृणमूल के नेता उसे धमकाते थे और यहां तक कि उसकी पिटाई भी की जाती थी। संदेशखाली के पात्रपाड़ा, बेड़मजूर, कर्णखाली, पुकुरपाड़ा जैसी जगहों से टीएमसी नेताओं के खिलाफ लोगों का दबा आक्रोश बाहर आ रहा है।
कर्णखाली की स्थानीय एक युवती ने कहा कि जय श्रीराम कहने पर उसे टीएमसी नेताओं की ओर से चेतावनी दी गई थी। और तो और प्रदीप मंडल नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि 100 दिन रोजगार के काम मांगने पर टीएमसी नेताओं ने उसके पैर तोड़ दिए थे। संदेशखाली में इस तरह की बर्बरता की तमाम घटनाएं सामने आ रही हैं।
इन नेताओं की भी गिरफ्तारी चाहते हैं लोग
स्थानीय लोग शाहजहां शेख की तरह उसके भाई सिराजुद्दीन शेख, सिद्दीक मोल्ला जैसे अन्य टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी चाहते हैं जिन्होंने उनकी जमीन हड़पने के साथ मां-बहनों की इज्जत लूट ली है। बता दें कि शाहजहां की गिरफ्तारी खबर से संदेशखाली में जश्न का माहौल है। खासकर महिलाओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा किया व गुलाल लगाए।
