Kolkata: सात माह की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को फांसी की सजा, केवल 80 दिन में कोर्ट ने सुनाया फैसला
आठ महीने की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने घटना के 80 दिनों के भीतर राजीव घोष नामक इस दुष्कर्मी को फांसी की सजा सुनाई है। पीड़िता बच्ची के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी एलान किया है। घटना को दुर्लभ से दुर्लभतम मानते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा दी।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। महानगर के बड़तल्ला इलाके में फुटपाथ से सात माह की बच्ची को उठाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को बैंकशाल कोर्ट ने मंगलवार दोपहर मौत की सजा सुनाई है।
कानून के जानकारों का कहना है कि वास्तव में यह फैसला अभूतपूर्व है, क्योंकि बच्ची जीवित है। हालांकि, अदालत का मानना है कि जिस तरह से सात माह की बच्ची से दुष्कर्म हुआ है, यह दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध है।
80 दिनों के भीतर सजा पर फैसला
अदालत ने घटना के 80 दिनों के भीतर राजीव घोष नामक इस दुष्कर्मी को फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित बच्ची के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
जानिए क्या है मामला?
30 नवंबर को महानगर के फुटपाथ पर रहने वाले एक दंपती ने बड़तल्ला थाने में बच्ची के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ घंटों बाद बच्ची फुटपाथ पर मिली, उसकी स्थिति गंभीर थी। उसे तत्काल अस्पातल में भर्ती कराया गया। जहां जांच में पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया है। इसके बाद पुलिस ने चार दिसंबर को झाड़ग्राम से आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया।
कैसे हुई थी युवक की पहचान?
घटना के 26 दिन बाद आरोपपत्र अदालत में पेश किया गया। जांचकर्ताओं ने सड़क पर लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर युवक की पहचान की गई थी। अदालत ने सोमवार को उसे दोषी कर दिया था और मंगलवार को सजा सुनाई गई।
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