रुद्रप्रयाग, जेएनएन। मौसम साफ होते ही केदारनाथ में मरम्मत के कार्य तेज कर दिए गए हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक 16 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग से बर्फ हटाकर मरम्मत के बाद आवाजाही के लायक बना दिया गया है। वहीं तीन माह से क्षतिग्रस्त बिजली लाइन को दुरुस्त कर धाम में बिजली आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है। पेयजल लाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा संचार सेवा की बहाली की कवायद भी की जा रही है।

केदारनाथ धाम में इस बार शीतकाल में भारी बर्फबारी खासा नुकसान हुआ है। इसी दौरान 20 जनवरी को धाम में बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से वहां बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि लिनचौली और केदारनाथ के बीच क्षतिग्रस्त बिजली की तारों को ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले माह  30 मार्च से केदारनाथ में पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया था।

इस काम में 125 श्रमिकों को लगाया गया। शनिवार को 16 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग की मरम्मत कर बर्फ भी साफ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर बर्फ काटकर रास्ता बनाया गया है। पैदल मार्ग पर आवाजाही बहाल होने से अब धाम में जरूरी सामाग्री की आपूर्ति आसानी से की जा सकेगी। जिलाधिकारी के अनुसार यदि मौसम ने साथ दिया तो 25 अप्रैल तक मंदिर परिसर को भी पूरी तरह साफ कर लिया जाएगा।

हवाई सेवा पर अभी असमंजस

केदारनाथ के लिए हवाई सेवाओं पर अभी असमंजस बरकरार है, हालांकि प्रशासन को उम्मीद है कि ये सेवा भी  वक्त पर शुरू हो जाएंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि अभी हवाई सेवाओं को लेकर निविदा कामामला  उच्च न्यायालय है। इस पर 24 अप्रैल को सुनवाई होनी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय से जल्द फैसला आ जाएगा और वक्त पर सेवा शुरू कर दी जाएगी।

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