देश की सबसे लंबी रेल सुरंग मार्च तक होगी तैयार, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को मिलेगी रफ्तार
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की 14.58 किमी लंबी सुरंग मार्च तक पूरी होगी। यह देश की सबसे लंबी रेल सुरंग है, जिसका 70% कार्य हो चुका है। देवप्रयाग से ...और पढ़ें

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सबसे लंबी 14.58 किमी सुरंग का कार्य मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य रखा है।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर गढ़वाल: 125 किमी लंबी ब्राड गेज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत परिवहन के क्षेत्र में देश की सबसे लंबी 14.58 किमी सुरंग का कार्य आगामी मार्च तक पूरा होने का लक्ष्य रखा है। इन दिनों सुरंग की लाइनिंग का कार्य जोरों पर चल रहा है। सुरंग के अंदर ट्रैक बिछाने का कार्य भी अगले दो-तीन माह में शुरू हो जाएगा।

70 प्रतिशत कार्य हो चुका है पूरा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का करीब 70 प्रतिशत कार्य हो चुका है। इस परियोजना का 83 फीसदी हिस्सा सुरंग से होकर गुजरेगा।
- देश की सबसे लंबी रेल सुरंग देवप्रयाग से जनासू 14.58 किमी भी शामिल है।
- कार्यदायी संस्था ने 16 अप्रैल 2025 को इस सुरंग को आर-पार कर दिया था।
पहली बार अपनाई टीबीएम तकनीक
सुरंग का निर्माण टनल बोरिंग मेर्थर्ड (टीबीएम) से किया गया। यही नहीं, पहली बार सुरंग निर्माण में टीबीएम तकनीक अपनाई गई। 9.11 मीटर व्यास वाली सिंगल शील्ड राक टीबीएम से सुरंग को रिकार्ड समय में आर-पार किया गया।

जर्मनी से मंगाई थी विशेष बोरिंग मशीन
इस मशीन को शक्ति नाम दिया गया था, जिसने प्रतिमाह औसतन 413 मीटर की गति से सुरंग का निर्माण किया। इसके अलावा इस सुरंग निर्माण के लिए जर्मनी से भी आरवीएनएल ने विशेष बोरिंग मशीन भी मंगाई थी।

यह है एक मात्र ट्विन ट्यूब सुरंग
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में यह एक मात्र ट्विन ट्यूब सुरंग है। यहां अप और डाउन दोनों ओर से ट्रेन चलेंगी। अन्य सुरंगों में सिर्फ एक ही लाइन है। दूसरी तरफ देवप्रयाग से जनासू रेलवे स्टेशन का आधा हिस्सा सुरंग के अंदर व आधा हिस्सा खुले आसमान के नीचे होगा।

देवप्रयाग से जनासू तक रेल परियोजना की सबसे लंबी सुरंग जो 14.58 किमी लंबी है, का कार्य आगामी मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दिनों लाइनिंग कार्य जोरों पर किया जा रहा है। साथ ही अन्य कार्य भी गतिमान है। अभी तक त्रषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
ओपी मालगुडी, उप महाप्रबंधक, सिविल, रेल विकास निगम
यह भी पढ़ें- फिर चर्चा में आई सिलक्यारा सुरंग, टनल का 90 % कार्य हुआ पूरा; चारधाम यात्रा में निभाएगी अहम भूमिका
यह भी पढ़ें- चमोली : लोको वैगन भिड़ंत की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, हादसे में कई श्रमिक हो गए थे घायल


कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।