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    उत्तराखंड में कहां लिया गया नशा मुक्त गांव का संकल्प? अब शराब पिलाने पर लगेगा 11 हजार का जुर्माना

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 01:06 PM (IST)

    उत्तराखंड के बिंदुखत्ता स्थित शीशम भुजिया गांव के ग्रामीणों ने नशे पर प्रभावी रोकथाम के लिए 'पंच मंडली समिति' का गठन किया है। गांव में नशा पूरी तरह वर ...और पढ़ें

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    नशा करने वाले और आयोजनों में शराब परोसने वाले का होगा सामाजिक बहिष्कार। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

    संवाद सहयोगी,  लालकुआं। बिंदुखत्ता स्थित शीशम भुजिया के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशे पर प्रभावी रोकथाम के लिए पंच मंडली समिति का गठन करते हुए निर्णय लिया कि गांव में भविष्य में पूरी तरह नशा वर्जित रहेगा। नशा करने वाले तथा विभिन्न आयोजनों में नशा कराने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उसका सामाजिक बहिष्कार करने के साथ ही 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।

    क्षेत्र में नशे की लत से युवा पीढ़ी की दिन पर दिन बिगड़ रही हालत को देखते हुए बिंदुखत्ता के शीशम भुजिया के ग्रामीणों ने इस कदम उठाया है। शनिवार को सार्वजनिक बैठक में तय किया गया कि गांव में निवास करने वाला कोई भी व्यक्ति नशा नहीं करेगा, यदि वह नशा करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    शादी विवाह, जन्मदिन व अन्य पार्टियों के मौके पर लोगों को शराब पिलाने वाली प्रथा पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, ऐसा कार्य करने वाले परिवार के खिलाफ 11 हजार रुपये का अर्थदंड डाला जाएगा। पंच मंडली समिति में कुंदन सिंह सर्वसम्मति से अध्यक्ष एवं केदार सिंह कोरंगा महामंत्री बनाए गए।

    इसके अलावा गोविंद सिंह मेहता उपाध्यक्ष, खीम सिंह मेहता सचिव, बलवंत सिंह कोषाध्यक्ष नियुक्त हुए। कार्यकारिणी सदस्यों में भवान सिंह कोरंगा, जोगा सिंह, कुंदन सिंह धामी, राम सिंह मेहता, भवान सिंह और लक्ष्मण सिंह मेहता शामिल हैं।

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