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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India Lockdown : नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों को लेने से एक बार फिर किया इन्कार

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Sun, 26 Apr 2020 12:07 PM (IST)Updated: Sun, 26 Apr 2020 07:46 PM (IST)

चंपावत जिले के टनकपुर बनबसा रीठासाहिब और लोहाघाट के राहत शिविरों में रह रहे नेपाली नागरिकों को कंचनपुर प्रशासन ने लेने से मना कर दिया है।

India Lockdown : नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों को लेने से एक बार फिर किया इन्कार
India Lockdown : नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों को लेने से एक बार फिर किया इन्कार

चम्पावत, जेएनएन : चंपावत जिले के रीठासाहिब व लोहाघाट के राहत शिविरों में रह रहे नेपाली नागरिकों को नेपाल के जिला कंचनपुर प्रशासन ने लेने से मना कर दिया है। जबकि एक दिन पूर्व कंचनपुर प्रशासन ने लेने की अनुमति दे दी थी। जिससे नेपाली नागरिक बेहद खुश थे, मगर अब मना करने से नेपालियों में मायूसी के साथ गुस्सा चरम पर है।

सीमावर्ती जिले में अलग-अलग स्थानों पर करीब 25 दिन से 214 नेपाली नागरिक राहत शिविरों में रह रहे हैं। टनकपुर में 204, रीठसाहिब में सात व लोहाघाट में तीन नेपाली हैं। गुरुवार को नेपाल के उच्चाधिकारियों ने टनकपुर आकर सभी नागरिकों को समझाया था कि लॉकडाउन खुलने के बाद वह सभी को वापस ले जाएंगे। चम्पावत जिला प्रशासन ने बातचीत कर नेपाल के कंचनपुर प्रशासन को इनके वापसी के लिए तैयार भी कर लिया था।

एसडीएम टनकपुर दयानंद सरस्वती ने बताया कि शनिवार को सभी नेपाली नागरिकों को रोडवेज बसों के माध्यम से बनबसा नेपाल बॉर्डर पर छोड़ा जाना था, लेकिन अचानक रविवार सुबह कंचनपुर सीडीओ ने उन्हें लेने से मना कर दिया। नेपाल के कंचनपुर जिले के सीडीओ ने कहा कि नेपाल सरकार की अनुमति पर ही बुलाया जाएगा। एसडीएम टनकपुर दयानंद सरस्वती ने कहा है कि कंचनपुर प्रशासन से फिर बात की जाएगी।

भारत में क्वारंटाइन नेपालियों का नेपाल में होगा रैपिड टेस्ट

पिथौरागढ़ : यहां राहत केंद्रों में रह रहे नेपाली नागरिकों के नेपाल लौटने पर क्वारंटाइन में रखने का निर्णय नेपाल सरकार ने लिया है। नेपाल में लॉकडाउन की बढ़ाई गई अवधि खत्म होने में अब केवल चार दिन शेष हैं। नेपाल प्रशासन ने पिथौरागढ़ से लगे नेपाली जिले बैतड़ी में सभी दस नगर पालिकाओं में एक हजार क्वारंटाइन बैड तैयार किए हैं। नेपाल के बैतड़ी जिले के स्वास्थ्य प्रमुख (सीएमओ) डॉ. योगेश भट्ट ने बताया कि बैतड़ी के भीमदत्त्त पॉलीटेक्निक कालेज पाटन, जगन्नाथ बहुमुखी कैंपस गोठलापानी, सुंदरखाली माध्यमिक विद्यालय चमखाली में 150 बैड से अधिक के क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं।

भारत के झूलाघाट राहत केंद्र में अधिकांश नेपाली पुरचुड़ी पालिका क्षेत्र के हैं। झूलाघाट राहत केंद्र में 261 नेपाली नागरिक हैं। भट्ट ने बताया कि पिथौरागढ़ और झूलाघाट राहत केंद्र में रह रहे नेपाली नागरिकों को पिथौरागढ़ प्रशासन क्वारंटाइन प्रमाण पत्र देगा तो सभी को जिला मुख्यालय बैतड़ी लाकर रैपिड टेस्ट कराया जाएगा। प्रशासन नेपाल के गृह मंत्रालय से अंतरराष्ट्रीय झूला पुल खोलने के आदेश का इंतजार कर रहा है।

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