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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भोजनमाता, आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को मार्च का वेतन देने की रिपोर्ट 30 को प्रस्‍तुत करें

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Mon, 27 Apr 2020 05:44 PM (IST)

हाईकोर्ट ने भोजनमाता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को मार्च महीने का मानदेय नहीं देने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की।

भोजनमाता, आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को मार्च का वेतन देने की रिपोर्ट 30 को प्रस्‍तुत करें
भोजनमाता, आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को मार्च का वेतन देने की रिपोर्ट 30 को प्रस्‍तुत करें

नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने भोजनमाता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को मार्च महीने का मानदेय नहीं देने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। मामले में काेर्ट ने राज्य सरकार से यह बताने को कहा है कि मार्च के मानदेय का भुगतान कर दिया है या नहीं। 30 अप्रैल तक इस बाबत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल तिथि नियत की है।

सोमवार को सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया है कि भोजन माताओं के मानदेय का भुगतान कर दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का भुगतान सरकार द्वारा आज किया जा रहा। देहरादून के चकराता ब्लाॅक में सरकार 30 अप्रैल को मानदेय का भुगतान करेगी। खण्डपीठ ने इस पर सरकार से 30 अप्रैल को भुगतान करने की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में नैनीताल की ललिता रावत की जनहित याचिका दायर पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा है कि अभी तक सरकार ने भोजन माताओं आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मार्च का वेतन नहीं दिया है। न ही इस दौरान सरकार से उनको किसी प्रकार की अन्य सहायता दी गई है । जिसके चलते वे अपने परिवार का भरण पोषण नहीं कर पा रहे हैं।

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