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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Lockdown : श्रमिक दंपति के लिए देवदूत बनी सीपीयू, बीमार बेटी का कराया इलाज

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Sun, 19 Apr 2020 11:02 AM (IST)

कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां लॉकडाउन किया गया है वहीं मजदूरों की मजदूरी भी छूट गई है।

Uttarakhand Lockdown : श्रमिक दंपति के लिए देवदूत बनी सीपीयू, बीमार बेटी का कराया इलाज
Uttarakhand Lockdown : श्रमिक दंपति के लिए देवदूत बनी सीपीयू, बीमार बेटी का कराया इलाज

रुद्रपुर, जेएनएन : कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां लॉकडाउन किया गया है, वहीं मजदूरों की मजदूरी भी छूट गई है। ऐसे में अपनी एक साल की बेटी की इलाज के लिए दर दर भटक रहे दंपती के लिए सिटी पेट्रोलिंग यूनिट भगवान बनकर आ गई। सीपीयू कर्मियों ने न सिर्फ मासूम को निजी अस्पताल में दिखाया बल्कि उसकी दवाइयां देकर दो हजार की आर्थिक मदद भी की। 

शनिवार दोपहर सिटी पेट्रोलिंग यूनिट डीडी चौक पर डयूटी में मुस्तैद थी। आने जाने वाले वाहन चालकों की चेकिंग के साथ ही राहगीरों से पूछताछ की जा रही थी। इसी बीच साइकिल सवार एक व्यक्ति डीडी चौक पर पहुंचा। साइकिल पर में उसके साथ उसकी पत्नी और एक साल की पुत्री थी। सीपीयू कर्मियों ने उसे लॉकडाउन में पत्नी और बच्चे के साथ घूमते देखा तो रोक लिया। पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पेंटर है। लॉकडाउन के चलते मजदूरी भी छूट गई है। चार-पांच दिन से उसकी मासूम बेटी की हालत खराब है। उसे जिला अस्पताल दिखाया फिर भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हो रहा था।

प्राइवेट अस्पताल में दिखाने के लिए उसके पास पैसे तक नहीं है। यह सुनकर सीपीयू प्रभारी अनीता गैरोला, एसआइ राजेश बिष्ट, जगदीश जोशी, वीरेंद्र चौहान, हरिओम, रंगलाल भास्कर ने आपस में दो हजार रुपये एकत्र कर आर्थिक मदद की। साथ ही सरकारी वाहन से मासूम बच्ची को एक निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां बच्ची को डाक्टर को दिखाने के बाद उसके लिए दवाएं भी खरीदी।

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