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हरिद्वार, जेएनएन। सलेमपुर गांव के पूर्व प्रधान पप्पू पाटिल की हत्या की साजिश में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि मुख्य साजिशकर्ता रमेश अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोपितों ने 50 लाख रुपये में हत्या करने का सौदा तय किया था। फिलहाल, सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

पुलिस के मुताबिक सलेमपुर गांव के पूर्व प्रधान पप्पू पाटिल और उनके भाई पाटिल का प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का कारोबार है। पप्पू के भाई बबलू ने कुछ समय पहले हेतमपुर गांव में एक जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन के दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू हुई, तो जमीन बेचने वाले ग्रामीण के भाई रमेश ने आपत्ति दाखिल कर दी। जिसको लेकर पप्पू पाटिल पक्ष और रमेश पक्ष के विवाद हुआ। कई बार अनबन होने पर कहासुनी भी हुई। पांच दिन पहले चांदपुर बिजनौर निवासी मिथुन ने पप्पू पाटिल को बताया कि उसकी हत्या की साजिश रची जा चुकी है। 50 लाख रुपये में सौदा तय करते हुए सुपारी किलर को ठेका दिया जा चुका है।

पप्पू पाटिल ने एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूरी से मिलकर पूरी कहानी बताई। एसएसपी के निर्देश रानीपुर कोतवाली की पुलिस ने मामले की छानबीन की। शुरूआती जांच में मामला सही पाए जाने पर शनिवार की रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। देर रात पुलिस ने अजय पुत्र रामपाल सिंह निवासी लालढांग, डालूपुरी श्यामपुर हरिद्वार, सोनू पुत्र राजेश निवासी ग्राम मिर्जापुर रायपुर बिजनौर, राजकुमार उर्फ राजू पुत्र प्रेम सिंह निवासी ब्रह्मपुरी सिडकुल और नरेश पुत्र हरपाल निवासी मुंडाखेड़ा लक्सर को गिरफ्तार कर लिया। 

रानीपुर कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपितों के कब्जे से एक तमंचा और दो कारतूस भी बरामद हुए हैं। अजय पहले भी रानीपुर कोतवाली और श्यामपुर थाने से जेल जा चुका है। बाकी आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी पता लगाया जा रहा है।

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Posted By: Raksha Panthari

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