पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर हरिद्वार उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी
पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर भक्तों ने आस्था की डुबकी ...और पढ़ें

पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए पहुंचे श्रद्धालु। जागरण
जागरण संवाददाता, हरिद्वार : पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर गंगा स्नान के लिए धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तड़के भोर से ही हर की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। आज रविवार से माघ माह का कृष्ण पक्ष आरंभ हो गया है। जिसे धार्मिक दृष्टि से पुण्यकारी माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, माघ माह में देवगण धरती पर आकर मनुष्य रूप धारण करते हैं और गंगा में स्नान, दान एवं जप करते हैं। इसी कारण माघ मास में गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि इस काल में गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का क्षय होता है और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने बताया कि माघ माह केवल स्नान और दान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वाध्याय का भी विशेष काल माना जाता है।
स्वाध्याय के दो प्रमुख अर्थ हैं। पहला स्वयं का अध्ययन करना और दूसरा धर्मग्रंथों का अध्ययन करना। स्वाध्याय का आशय है अपने विचारों, कर्मों और व्यवहार का आत्ममंथन करना तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाले विचारों को अपनाना।
उन्होंने कहा कि अच्छे विचारों और श्रेष्ठ ग्रंथों का नियमित अध्ययन व्यक्ति के जीवन को दिशा देता है और आंतरिक आनंद प्रदान करता है। ऐसे में माघ माह में गंगा स्नान के साथ-साथ स्वाध्याय को जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। बेहतर पुस्तकों को मित्र बनाकर आत्मिक उन्नति की राह प्रशस्त की जा सकती है।

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