उम्मीद 2026: इस साल उत्तराखंड को मिलेगा जाम से छुटकारा, धरातल पर उतरेगा इस रिंग रोड का खाका
देहरादून आउटर रिंग रोड परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है, जिसका पहला चरण (मोहकमपुर से आशारोड़ी तक एलिवेटेड रोड) इसी साल शुरू होगा। 51 किलोमीटर लंबी यह ...और पढ़ें

51 किलोमीटर लंबी रिंग के पहले चरण पर इसी साल शुरू होगा काम. Concept Photo
सुमन सेमवाल, देहरादून। देर से ही सही दून की आउटर रिंग रोड के प्रति सरकारी मशीनरी गंभीर नजर आ रही है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू हों के बाद दून की तरफ वाहनों का जो अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा, उसे संभालने के लिए बड़ी सड़क परियोजनाओं का धरातल पर उतरना आवश्यक है।
लोक निर्माण विभाग भी अब इस बात को समझ रहा है और अधिकारियों ने 51 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। विभाग का दावा है कि इस साल रिंग रोड के पहले चरण मोहकमपुर से आशारोड़ी तक एलिवेटेड रोड काम शुरू कर दिया जाएगा।
लोनिवि सचिव पंकज पांडे के अनुसार करीब 14 से 15 किमी लंबी इस परियोजना का एलाइनमेंट केंद्र सरकार ने स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही इसकी डीपीआर की सभी औचारिकताओं को पूरा कर टेंडर प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। आउटर रिंग रोड के साथ ही बिंदाल और रिस्पना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना की प्रत्येक 15 दिन पर समीक्षा की जा रही हैं।
इसके अलावा रिंग रोड के अन्य चरणों को लेकर भी निरंतर आगे बढ़ा जा रहा है। चूंकि, वर्तमान में बजट के लिहाज से बड़े प्रोजेक्ट पर एक साथ कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसलिए हर एक पहलू पर गौर किया जा रहा है। हालांकि, पहले चरण में काम शुरू कराने की योजना है, जबकि बाकी चरण पर तस्वीर साफ करा दी जाएगी।
रिंग रोड परियोजना का यह होगा स्वरूप
- प्रारंभिक बिंदु- मसूरी रोड पर मैक्स अस्पताल
- अंतिम बिंदु- आशारोड़ी
- लंबाई- 51.59 किमी (2.8 किमी लंबाई की ट्विन ट्यूब टनल भी शामिल)
- चौड़ाई- फोरलेन
- अधिकतम गति सीमा- 60/80 किमी प्रति घंटा
यह होंगे जंक्शन
मैक्स अस्पताल, मालदेवता रोड, रिस्पना पुल, आइएसबीटी, आशारोड़ी।
हांफते शहर को राहत देगी रिंग रोड
देहरादून शहर में आबादी के साथ यातायात का दबाव सड़कों की क्षमता से कहीं अधिक हो गया है। घनी आबादी के चलते मौजूदा सड़कों और उनके जंक्शन को चौड़ा करने के अवसर बेहद सीमित हैं। ऐसे में पहाड़ों की रानी मसूरी की तरफ वीकेंड या अन्य खास अवसर पर जब वाहनों का दबाव बढ़ता है तो उसका असर सीधे शहर पर पड़ता है।
इसी तरह दिल्ली, सहारनपुर या हरिद्वार के बीच दून की तरफ से आवागमन करने वाले वाहनों का दबाव भी प्रत्यक्ष रूप से दून की यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है। मौजूदा समय में दून के प्रमुख जंक्शन में यातायात का दबाव उनकी डिजाइन क्षमता से छह गुना पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) तक पहुंच चुका है। रिंग रोड बनने के बाद मसूरी की तरफ जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना रिंग रोड सफर कर सकेंगे। साथ ही हरिद्वार और सहारनपुर के बीच आवागमन करने वाले वाहन रिंग रोड के अंतर्गत बनने वाली एलिवेटेड रोड से पास होंगे।
शहर में वाहनों का दबाव और क्षमता (पीसीयू प्रति घंटे में)
- जंक्शन/सड़क, पीसीयू डिजाइन, पीसीयू दबाव
- घंटाघर, 3600, 14282
- प्रिंस चौक, 2900, 17090
- लालपुल, 2900, 16664
- आराघर चौक, 2900, 12272
- रिस्पना पुल, 2900, 16453
- सर्वे चौक, 1200, 6845
- आइएसबीटी, 3600, 9916
- शिमला बाइपास, 1200, 5739
- बल्लीवाला, 1200, 9603
- सहारनपुर चौक, 2900, 7208
- बल्लूपुर चौक, 2900, 6211
- प्रेमनगर, 2400, 7496
- रायपुर चौक, 2400, 2917
- मसूरी डायवर्जन, 2900, 6305
- हरिद्वार बाइपास, 1500, 9639
- आइटी पार्क क्षेत्र, 2400, 2839
- पांवटा साहिब रोड, 2400, 4845
नोट: आंकड़े दून के कांप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान व मास्टर प्लान 2041 के सर्वे से लिए गए हैं।
रिंग रोड के अलग-अलग चरण
मोहकमपुर से आशारोड़ी (एलिवेटेड रोड)
लंबाई, करीब 15 किमी
बजट, 1350 से 1450 करोड़ रुपए के बीच
आशारोड़ी से झाझरा के बीच (पूर्व में स्वीकृत)
लंबाई, 12.17 किलोमीटर
बजट, करीब 715.97 करोड़ रुपए
झाझरा के पास सुद्धोवाला से मसूरी (सीधे रिंग रोड परियोजना का भाग नहीं)
लंबाई, 40 किलोमीटर
बजट, जमीन अधिग्रहण समेत 3700 करोड़ रुपए अनुमानित
मैक्स अस्पताल से रिस्पना पुल
लंबाई और बजट अभी स्पष्ट नहीं है। इसमें आवश्यक संशोधन संभव है। क्योंकि, यह भाग राज्य सरकार की प्रस्तावित रिस्पना नदी पर बनने वाली एलिवेटेड रोड के साथ मर्ज या उसके हिसाब से संशोधित हो सकता है। साथ ही इस भाग पर पूर्व निर्मित सड़क भी है।

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