बनेगा रिंग रोड : आरा शहर को आजादी के 78 वर्षों बाद मिलेगी नई सड़क, निर्माण शुरू
आरा शहर में 78 साल बाद बहुप्रतीक्षित रिंग रोड का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। चंदवा से धरहरा मोड़ तक 7.50 किमी लंबी यह सड़क 18.80 करोड़ रुपये से अधिक ...और पढ़ें

आरा शहर को आजादी के 78 वर्षों बाद मिलेगी नई सड़क
धर्मेंद्र कुमार सिंह,आरा(भोजपुर)। आजादी के 78 वर्षों बाद जिला मुख्यालय के आरा शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए रिंग रोड बनाने का निर्माण कार्य विगत दिनों से शुरू हो गया। यह सड़क शहर के बाहर-बाहर चंदवा पासवान चौक से शुरू होकर धरहरा मोड़ तक साढ़े सात किलोमीटर बनेगी। इसके बन जाने से आरा शहर को महाजाम से निपटने में काफी सहूलियत होगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रगति यात्रा के दौरान इस सड़क का शिलान्यास किया था। विगत एक पखवारे से निर्माण कार्य और तेजी से शुरू करते हुए मिट्टी और गिट्टी भराई का कार्य होने लगेगा। यह सड़क चंदवा स्थित पासवान चौक से शुरू होकर मझौआ-गांगी-भगवतपुर होते हुए धरहरा मोड़ तक जाएगी।
इसकी कुल लंबाई 7.5 किलोमीटर है। बनने वाली रिंग रोड पर 18.80 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च होगी।
निर्माण कार्य को बाधा रहित पूरा करने के लिए प्रारंभ में ही बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के द्वारा बिजली कंपनी से लगभग 80 पोल और ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए होने वाले खर्च का एस्टीमेट मांगा गया है ताकि की राशि की व्यवस्था जिला मुख्यालय से हरी झंडी लेकर की जा सके।
इसे लेकर एक-दो दिनों में बिजली कंपनी द्वारा स्थल जांच के साथ एस्टीमेट दिए जाने की संभावनाएं हैं। इस संबंध में अभिषेक कुमार, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा ने बताया कि तेजी से काम शुरू किया गया है, समय पर पूरा कर लिया जाएगा।
आरा को जाम से निपटने में मिलेगी सहूलियत
चंदवा से शुरू होकर धरहरा मोड़ तक रिंग रोड के रूप में वैकल्पिक रोड मिल जाने के बाद शहर की गाड़ियों को पटना या बक्सर की तरफ बाहर बाहर निकलने का एक नया रास्ता मिल जाएगा।
इस वजह से शहर में जैसे ही जाम लगेगा वाहन इस रास्ते से आराम से गुजर जाएंगे। इससे दोनों को लाभ मिलेगा एक तरफ जहां जाम से मुक्ति मिलेगी वहीं जाम में फंसने वाले वाहन कम समय में गंतव्य स्थान की ओर जा सकेंगे।
रोजगार के खुलेंगे नए अवसर दशकों वर्ष पुरानी मांग होगी पूरी
आरा शहर में रिंग रोड के बन जाने से रोजगार के नए-नए अवसर भी मिलेंगे। सड़क के किनारे-किनारे जहां नए-नए उद्योग धंधे लगेंगे वहीं दूसरी तरफ छोटे-छोटे सैकड़ो कारोबार भी होंगे।
जिन से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए-नए अवसर उपलब्ध होंगे। दूसरी तरफ शहर के लोगों की रिंग रोड बनाने की दशकों वर्ष पुरानी मांग भी पूरी हो जाएगी।

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