देहरादून, जेएनएन। साढ़े चार महीने की चुप्पी के बाद आखिरकार परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक (आरआइ) ने स्वीकार कर ही लिया कि बीती 26 मई की रात उनके घर बदमाशों ने डाका डाला था। रविवार को आरआइ की बैंक अधिकारी पत्नी ने राजपुर रोड स्थित एसएसपी के कैम्प कार्यालय पहुंचकर घटना के संबंध में तहरीर दी। जिसमें लिखा गया है कि डकैतों ने उनके घर से पांच लाख रुपये कैश और करीब बीस लाख रुपये मूल्य की ज्वेलरी लूटी थी। हालांकि डकैतों ने पुलिस को बयान दिया है कि आरआइ के घर से गैंग ने 1.38 करोड़ रुपये की लूट की थी। तहरीर में खोली गई रकम और बदमाशों के बयान में विरोधाभास मिलने से पुलिस हैरान है। ऐसे में आरआइ की पत्नी सही बोल रही है या वीरेंद्र ठाकुर गैंग के बदमाश। इसका पता लगाने के लिए एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने एसपी सिटी श्वेता चौबे को जांच सौंपी है। एसएसपी ने बताया कि मामले में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।

22 सितंबर की रात बंगाल क्रिकेट टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के पिता और अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन के घर पड़ी डकैती का पुलिस ने जब एक अक्टूबर को पर्दाफाश किया तो डकैतों ने कई सनसनीखेज रहस्यों को खोला। डकैतों ने बयान दिया कि इससे पहले उन सभी ने 26 मई की रात वसंत विहार के विजय पार्क कॉलोनी में परिवहन विभाग के आरआइ के घर 1.38 करोड़ की डकैती डाली थी। लेकिन इस घटना की पुलिस को जानकारी ही नहीं दी गई थी। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने आरआइ को बुलाकर इसके संबंध में पूछताछ की तो मामला सही निकला, लेकिन लूट की रकम को लेकर तब उन्होंने  कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। इस बीच पुलिस अपनी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में जुटी तो आरआइ की रातों की नींद उड़ गई। करीब छह दिन के सोच-विचार के बाद आखिरकार आरआइ की पत्नी रमा सिंघल रविवार को एसएसपी के कैम्प आफिस पहुंचीं और वहां उन्होंने घटना के संबंध में तहरीर दी। 

बेटे को दी थी जान से मारने की धमकी

रमा सिंघल से तहरीर में वारदात की रात पुलिस को सूचना न दिए जाने के कारण का भी जिक्र किया है। रमा ने पुलिस को बताया कि 26 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे हथियारों से लैस बदमाशों ने धावा बोला। सभी को गन प्वाइंट पर लेते हुए नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों के बारे में जानकारी मांगी। सामने मौत खड़ी देख उन्हें सब बता दिया और बदमाश अपने साथ पांच लाख रुपये कैश और करीब बीस लाख की ज्वेलरी लूट ले गए। जाते-जाते बदमाशों ने धमकी दी थी कि उनका नोएडा में पढ़ता है, पुलिस को खबर दी तो उसे जान से मार देंगे। इसके चलते उनकी पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद वह इतने भयभीत हो गए थे कि बेटे को नोएडा से घर बुला लिया। ईश्वरन डकैती कांड के पर्दाफाश के बाद जब उन्हें पता चला कि उनके घर डाका डालने वाले बदमाश पकड़े गए तो उनमें थोड़ी हिम्मत आई और अब उस मामले में मुकदमा दर्ज कराना चाहती हैं। 

पीरू-फुरकान ने की थी घर की रेकी

आरआइ के घर डाका डालने से पहले राजेंद्रनगर के सैलून संचालक मुजीबर रहमान उर्फ पीरू और मीडिया का कार्ड लेकर घूमने वाले फुरकान ने आरआइ के घर की रेकी की थी। दोनों ने आरआइ के आफिस जाने से लेकर उनके घर लौटने और उनके परिवार की पूरी जानकारी कर ली थी। दोनों कई-कई घंटे आरआइ के घर के आसपास मंडराते और हर बात को नोटिस कर गैंग के सरगना वीरेंद्र ठाकुर तक पहुंचाते थे। पकड़े जाने से बचने के हर पहलू की पड़ताल करने के बाद वीरेंद्र ने अपने साथियों के साथ आरआइ के घर डाका डाला था।

आरोपितों को लेकर दिल्ली रवाना हुई पुलिस

ईश्वरन और आरआइ के घर डाका डालने के आरोपित वीरेंद्र ठाकुर और उसके गैंग के सदस्यों को लेकर राजपुर पुलिस रविवार भोर में दिल्ली के लिए रवाना हो गई। दरअसल, इन दोनों वारदातों में प्रयुक्त असलहा और ईश्वरन के घर से उखाड़ी गई डीवीआर की बरामदगी नहीं हो सकी है। इसके लिए पुलिस ने रविवार को दिल्ली हाइवे से लेकर दिल्ली में सदस्यों के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश भी दी।

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1.38 करोड़ का पता लगाने की चुनौती

अभी तो यह तय किया जाना है कि आरआइ के घर से क्या वाकई में डकैतों को 1.38 करोड़ रुपये मिले थे या उनकी पत्नी का दावा सही है। इसका पता तो एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट आने पर ही चलेगा। फिर भी अगर बदमाशों का बयान सही है तो पुलिस के सामने अब नई चुनौती पेश आने वाली है। वह यह कि 1.38 करोड़ रुपये का वीरेंद्र ठाकुर गैंग ने कहां इन्वेस्ट किया। सूत्रों की मानें तो इस रकम का बंटवारा वीरेंद्र ने अपने साथियों में उसी समय कर दिया था। हर एक के हिस्से में 25 से 30 लाख रुपये आए थे।

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Posted By: Sunil Negi

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