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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरटीओ का मुख्य सहायक और दो दलाल गिरफ्तार, इस खबर में पढ़िए क्या है पूरा मामला

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Thu, 21 Nov 2019 08:01 PM (IST)Updated: Thu, 21 Nov 2019 08:51 PM (IST)

रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस ने आरटीओ के मुख्य सहायक और दो दलालों को गिरफ्तार किया है।

आरटीओ का मुख्य सहायक और दो दलाल गिरफ्तार, इस खबर में पढ़िए क्या है पूरा मामला
आरटीओ का मुख्य सहायक और दो दलाल गिरफ्तार, इस खबर में पढ़िए क्या है पूरा मामला

देहरादून, जेएनएन। कृषि में पंजीकृत ट्रैक्टर को कमर्शियल में बदलने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में विजिलेंस ने आरटीओ के मुख्य सहायक और दो दलालों को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के मुताबिक आरोपित दलाल दफ्तर के अंदर मुख्य सहायक की कुर्सी पर बैठकर सौदेबाजी कर रहे थे। मुख्य सहायक उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी महासंघ का जिलाध्यक्ष भी है। तीनों के खिलाफ विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तीनों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

डीआइजी विजिलेंस कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि शिकायतकर्ता ने विजिलेंस कार्यालय में आकर दलाल की ओर से रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की। उसने बताया कि उसके पास कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर रखा हुआ है, जिसे वह कमर्शियल में बदलवाना चाहता था। इसके लिए आरटीओ में मंगलवार को आवेदन कर दफ्तर के काउंटर नंबर चार पहुंचा। यहां मुख्य सहायक यशवीर बिष्ट की सीट पर दलाल मोनू मलिक उर्फ संदीप कुमार निवासी साईं मंदिर के पास मोहब्बेवाला को बैठे देखा। मोनू ने उससे छह हजार रुपये की मांग की। उसने जब यह कहा कि वह तो सरकारी फीस तो जमा कर चुका है तो मोनू ने कहा कि बिना छह हजार रुपये दिए काम नहीं होगा। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को बताया कि मोनू ने गुरुवार को उसे रिश्वत की रकम के साथ बुलाया है।

प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाई गई। जिस पर ट्रैप टीम का गठन कर गुरुवार को शिकायतकर्ता को आरटीओ दफ्तर में भेजा गया। वहां गुरुवार को भी काउंटर नंबर चार पर मोनू बैठा मिला। शिकायतकर्ता ने जैसे रिश्वत की रकम मोनू को दी, उसने काउंटर पर पहले से मौजूद प्रदीप पुत्र घनश्याम निवासी विकास लोक सहस्रधारा रोड को काम कराने के लिए फाइल दे दी। इसके तुरंत बाद वहां पर सादे कपड़ों में मौजूद विजिलेंस की टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। टीम दोनो से पूछताछ कर रही थी कि थोड़ी देर बाद बाहर गया मुख्य सहायक यशवीर बिष्ट भी वहां आ गया। विजिलेंस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। 

मुख्य सहायक के घर भी दबिश

आरटीओ दफ्तर से गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस की टीम मुख्य सहायक यशवीर बिष्ट को लेकर उसके राजीवनगर स्थित घर पहुंची। यहां से विजिलेंस ने कई दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। विजिलेंस उसकी चल और अचल संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। यदि आय से संपत्ति मिली तो आने वाले दिनों में उस पर एक और मुकदमा दर्ज हो सकता है।

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मोनू के घर मिली कई आरसी

विजिलेंस की एक टीम ने मोनू के मोहब्बेवाला स्थित घर की तलाशी ली। यहां से कई वाहनों की आरसी मिली। विजिलेंस के अनुसार इससे यह पुष्टि हो जाती है कि वह आरटीओ में दलाली करता है और पैसे लेकर लोगों के काम कराता है।

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