देहरादून से रेस्क्यू किया दुर्लभ सांप, खतरा देख काटता नहीं; बल्कि गोल आकार में जाता है लिपट
कालसी वन प्रभाग के संविदा कर्मी आदिल मिर्जा ने कैंचीवाला से एक दुर्लभ ट्विन-स्पाटेड वुल्फ स्नेक को रेस्क्यू किया। यह विषहीन सांप अपने शरीर पर दो खास ध ...और पढ़ें

कैंचीवाला से दुर्लभ प्रजाति का टवीन स्पोटेड वुल्फ स्नेक का किया गया रेस्क्यू। संविदा कर्मी
जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून) : कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज के संविदा कर्मी ने शुक्रवार को कैंचीवाला से एक दुर्लभ प्रजाति के ट्विन-स्पाटेड वुल्फ स्नेक को रेस्क्यू किया।
विषहीन होता है ये सांप
संविदा कर्मी आदिल मिर्जा ने बताया कि यह विषहीन सांप है, जो अपने शरीर पर मौजूद दो खास धब्बों के कारण जाना जाता है। वयस्क होने पर सुनहरे-पीले या हल्के रंग के धब्बे होते हैं।
मेंढक-छिपकली का करता शिकार
यह भारत, बांग्लादेश और नेपाल के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में पाया जाता है। यह मेंढक और छिपकली का शिकार करता है और अक्सर घरों में घुस आता है। लेकिन इससे इंसानों को कोई खतरा नहीं होता।
स्वभाव में शर्मीला होता है ये सांप
यह शर्मीला स्वभाव का होता है, जो खतरे में पड़ने पर खुद को बचाने के लिए गोल आकार में लिपट जाता है। यह अपने शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है और आमतौर पर खुद को बचाने के लिए भागने या सिर छिपाने की कोशिश करता है, काटने की कोशिश नहीं करता।
संविदा कर्मी ने इसके अलावा तेलपुर डांडी से एक इंडियन रेट स्नेक को भी रेस्क्यू किया। वहीं डाकपत्थर से बिज्जू को रेस्क्यू किया गया।
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