देहरादून, जेएनएन। वायुसेना के मेस संचालन के लिए खोले गए खाते का चेक चुरा कर डेढ़ लाख रुपये की ठगी करने के मामले में क्लेमेनटाउन पुलिस ने चार को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में से एक कुछ महीने पहले तक एयरफोर्स में ठेकेदारी करता था। पुलिस ने चारों आरोपितों को कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि मामले में विंग कमांडर एमके श्रीवास्तव की ओर से क्लेमेनटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वह एयरफोर्स में चलने वाले मेस के कोषाध्यक्ष भी हैं। बीती दस अक्टूबर को मेस के अकाउंट से डेढ़ लाख रुपये किसी और खाते में ट्रांसफर होने पर जब उन्होंने चेक बुक की पड़ताल की तो उसमें से दो चेक गायब थे। 

चेकबुक को ब्लॉक कराते हुए उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। तफ्तीश के दौरान हरेराम मुखिया निवासी ग्राम पड़ौला जिला मधुबनी, बिहार को पकड़ा गया। रकम उसी के खाते में ट्रांसफर हुई थी। पूछताछ में उसने बताया कि कुछ दिन पहले राजीव कुमार गुप्ता निवासी चांदपुर थाना पिहानी हरदोई, उत्तर प्रदेश ने उसका अकाउंट नंबर लिया था। 

राजीव ने कहा था कि उसके खाते में कुछ रुपये आएंगे, जिसमें से पांच हजार रुपये अपने पास रख लेगा, शेष रकम उसे दे देगा। इस पर राजीव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि सिराजुल हक उर्फ सिराज निवासी टर्नर रोड उसका मित्र है। सिराज एयरफोर्स में ठेकेदारी करता है। उसने रकम जमा कराने के लिए उसका अकाउंट नंबर मांगा था और दस हजार रुपये कमीशन की बात कही थी। इस पर उसने अपना अकाउंट न देकर हरेराम का दे दिया। 

सिराज को पुलिस ने पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने ठेकेदारी के दौरान मेस के चेकबुक से दो चेक चोरी कर लिए थे। विंग कमांडर के हस्ताक्षर को वह जानता था। हूबहू हस्ताक्षर के बाद घंटाघर स्थित एक दुकान से मुहर बनवाई और बैंक में जमा करा दिया। बैंक में चेक जमा करने के लिए उसने रजनीश कुमार निवासी टर्नर रोड को भेजा था। आरोपितों के पास से एक चेक बरामद कर लिया है। रुपयों की रिकवरी के लिए बैंक से संपर्क किया जा रहा है। चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

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सूझबूझ से टली साढे़ चार लाख की ठगी 

बैंककर्मी बनकर एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी लेकर ठगी करने वाले एक जालसाज की दाल नहीं गल पाई। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि भूमिका अरोड़ा करनपुर चौकी पहुंची। उसने बताया कि उनके पिता हरेंद्र अरोड़ा के पास एक शख्स का फोन आया था। उसने बैंक कर्मी बन कर खाते से जुड़ी जानकारी ले ली। इसके तुरंत बाद पुलिस के साथ भूमिका को ईसी रोड स्थित एसबीआइ की शाखा पर भेजा गया। चेक करने पर पता चला कि उनके खाते में साढ़े चार लाख रुपये हैं, कोई निकासी नहीं की गई है। खाते से तुरंत होल्ड करा दिया।

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